ब्रू शरणार्थी पुनर्वास मामला: त्रिपुरा में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की गोलीबारी में दो की मौत, 30 से ज्यादा घायल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला Updated Sun, 22 Nov 2020 05:43 PM IST
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प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस छोड़ती पुलिस
प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस छोड़ती पुलिस - फोटो : ANI

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त्रिपुरा के पानीसागर क्षेत्र में हुई गोलीबारी की घटना में घायल एक अग्निशमन कर्मचारी की मौत होने से रविवार को मृतकों की संख्या बढ़कर दो हो गई। न्यू कैपिटल कॉम्प्लेक्स में उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ), पिया माधुरी मजुमदार ने बताया कि अग्निशमनकर्मी विश्वजीत देववर्मा प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प में घायल हो गये थे और उन्हें जीबीपी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां रविवार तड़के उनकी मौत हो गई।
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पुलिस के एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तरी त्रिपुरा जिले में असम-अगरतला राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद कर शनिवार को प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने गोलीबारी की। ये लोग पड़ोसी राज्य मिजोरम से आए छह हजार से अधिक ब्रू प्रवासियों को त्रिपुरा में बसाने का विरोध कर रहे थे। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राजीव सिंह ने कहा कि पुलिस को अपने बचाव के लिए गोली चलानी पड़ी क्योंकि भीड़ बेकाबू हो गई थी और सुरक्षा बलों से हथियार छीनने की कोशिश कर रही थी। 
बता दें कि केंद्र सरकार ने इस साल जनवरी में एक नए समझौते पर हस्ताक्षर किए थे जिसके तहत, त्रिपुरा के राहत शिविरों में रह रहे ब्रू समुदाय के लोगों को वापस जाने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि स्थानीय रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग आठ को ‘असम-अगरतला रोड’ के रूप में जाना जाता है। राष्ट्रीय राजमार्ग-8 को अक्सर त्रिपुरा की जीवन रेखा कहा जाता है क्योंकि यह राज्य को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है।

बंगाली और स्थानीय मिजो समुदाय की संयुक्त आंदोलन समिति (जेएमसी) ने इस मुद्दे पर सोमवार से हड़ताल की घोषणा की है, जिसके तहत उन्होंने शनिवार को राजमार्ग-8 को बंद कर दिया था। शनिवार को हालात उस समय खराब हो गए जब पुलिस और त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीएसआर) समेत अर्धसैनिक बलों के एक बड़े दस्ते की सड़क खाली कराने को लेकर प्रदर्शनकारियों से झड़प हो गई थी।

त्रिपुरा के कानून मंत्री रतन लाल नाथ ने बताया कि 'उत्तरी त्रिपुरा जिले के कंचनपुर इलाके में हिंसा के दौरान 19 नागरिक, चार पुलिसकर्मी, त्रिपुरा स्टेट राइफल्स के तीन जवान, और आठ फायर सर्विस कर्मी घायल हो गए हैं और हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई है।'

इस बीच जेएमसी के अध्यक्ष जयरमथिमा पचुआ ने कहा रविवार को सातवें दिन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल कंचनपुर में जारी है। वहीं राज्य सरकार ने पुलिस गोलीबारी की जांच मजिस्ट्रेट से कराने के आदेश दिये है और मृतक के परिवार को पांच लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की।
 

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