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Hindi News ›   India News ›   black money: No claimants for Rs 300 crore lying in India-linked Inactive Swiss bank accounts

स्विस बैंकों में भारतीयों का 300 करोड़ रुपये काला धन, नहीं मिल रहे दावेदार

एजेंसी, ज्यूरिख/नई दिल्ली Updated Sun, 15 Jul 2018 09:50 PM IST
प्रतीकात्मक तस्वीर
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स्विट्जरलैंड के बैंकों में जमा अवैध काला धन भारतीय राजनीति में हमेशा से बड़ा मुद्दा रहा है। लेकिन वहां ऐसे बैंक खाते भी हैं, जिनमें जमा 300 करोड़ रुपये की सुध लेने के लिए सालों से कोई नहीं पहुंचा है। इनमें एक खाता देहरादून निवासी बहादुरचंद्र सिंह का भी है।


बैंक ने पिछले 60 सालों में निष्क्रिय घोषित किए गए ऐसे 3500 खातों की एक सूची वर्ष 2015 में जारी की थी, जिनमें जमा भारतीयों के भी कम से कम 6 खाते स्पष्ट तौर पर शामिल थे। ये वे खाते हैं, जिनमें कम से कम 500 स्विस फ्रेंक जमा हैं। 


सूची जारी होने के 3 साल बाद भी इन खातों में जमा करीब 300 करोड़ रुपये की सुध लेने कोई नहीं पहुंचा है। इन 6 भारतीयों में से 3 अब विदेशों में रहते हैं, जबकि अन्य तीन का भारतीय पता ही मौजूद है।

2020 में स्विस सरकार ले लेगी कब्जा
स्विस नेशनल बैंक के अनुसार, वर्ष 2017 में इनमें से मात्र 40 बैंक खातों और दो सेफ डिपॉजिट बॉक्स के दावेदार सामने आने पर उन्हें इस सूची से हटा दिया गया था। लेकिन बाकी खातों के मालिक अभी तक नहीं मिल सके हैं। बैंक के नियमों के अनुसार, 2020 तक इन खातों के दावेदार सामने नहीं आने पर सरकार इस पैसे को अपने कब्जे में लेकर खाता बंद कर देगी।

 

भारतीयों का दोगुना हुआ है स्विस बैंक में धन

स्विस नेशनल बैंक की तरफ से हाल ही में बताया गया था कि वहां के बैंकों में वर्ष 2017 में भारतीयों की जमा राशि में 50 फीसदी यानी करीब दो गुना इजाफा हुआ है। अधिकृत तौर पर वहां भारतीय लोगों की जमा राशि करीब 7,000 करोड़ रुपये हो गई है। हालांकि आंकड़ों के मुताबिक, स्विस बैंक में जमा विदेशी धन में केवल 0.07 फीसदी धन ही भारतीयों का है।

दूसरे देशों के जरिए जाने वाले भारतीय पैसे की जानकारी नहीं
स्विस नेशनल बैंक के आंकड़ों में वो पैसा शामिल नहीं था, जो भारतीय लोगों ने अन्य देशों में शैल (फर्जी) कंपनियां खोलकर उनके जरिए वहां जमा कराया है। बता दें कि जांच एजेंसियों का कहना है भारतीय अपना काला धन दूसरे देशों में घुमाकर मल्टीपल लेयर प्रणाली के जरिए स्विस बैंक तक पहुंचाते हैं।

अगले साल से काला धन छिपाना होगा बंद

स्विट्जरलैंड ने भारत समेत अन्य देशों को उनके यहां से आने वाले पैसे की अपने आप जानकारी देने का फ्रेमवर्क तैयार कर लिया है। इसके चलते अगले साल से भारत को अपने देश से आने वाले पैसे का ऑटोमैटिक डाटा मिलना शुरू हो जाएगा, जिससे काला धन छिपाना असंभव हो जाएगा।

निष्क्रिय खातों में एक देहरादून का
स्विस बैंक में 6 निष्क्रिय घोषित भारतीय खातों में से एक देहरादून के बहादुरचंद्र सिंह का है, जबकि दो खातेदारों पियरे वाचक व बर्नेट रोजमैरी का बंबई (अब मुंबई) का बताया गया है। अन्य तीन में पेरिस निवासी डॉक्टर मोहनलाल, लंदन निवासी एसवाई प्रभुदास और अज्ञात पते वाले किशोरी लाल शामिल हैं।
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