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बंगाल के सीमावर्ती मुस्लिम अगर 'दाग' धोने के लिए तैयार हैं तो मोदी-शाह की बन सकती है बात

जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Fri, 05 Mar 2021 12:05 AM IST

सार

पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश की सीमा से लगते अधिकांश क्षेत्रों में मुस्लिम आबादी की बहुलता है। अगर विकास की दृष्टि से देखें तो यहां 80 से ज्यादा विधानसभाओं में पिछड़ेपन की झलक साफ नजर आती है। अस्पताल हैं तो डॉक्टर नहीं, सड़क है तो ट्रांसपोर्ट नहीं, कहीं पर स्कूल हैं तो शिक्षक नहीं और इन सबसे परे बेरोजगारी ने यहां के लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
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पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह
पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह - फोटो : पीटीआई (फाइल)

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विस्तार

कई दशकों से पश्चिम बंगाल के राजनीतिक पटल को बहुत करीब से देख रहे वरिष्ठ पत्रकार मानस बनर्जी कहते हैं, सीमावर्ती इलाकों को लेकर अपराध की खबरें आए दिन अखबारों की सुर्खियां बनती हैं। इतने गौ तस्कर पकड़े गए, बीएसएफ ने नशे के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा फेंसिड्रिल और याबा टेबलेट, जिसे बांग्लादेश भेजना था, उसकी बड़ी खेप जब्त की है।
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अवैध तरीके से सीमा पार करने वाले इतने लोग पकड़े गए, यही खबरें सुनने को मिलती हैं। खासतौर पर वहां की बहुसंख्यक मुस्लिम आबादी के लिए ये एक गहरा 'दाग' है। अगर सीमावर्ती इलाकों के मुस्लिम वह दाग धोने और विकसित समाज के साथ कदम मिलाकर चलने के लिए तैयार हैं तो इस चुनाव में नरेंद्र मोदी और अमित शाह की बात बन सकती है।


मानस बनर्जी के अनुसार, सीमावर्ती इलाकों में बहुत से ऐसे लोग भी हैं जो भाजपा और टीएमसी को पसंद नहीं करते। उनका मानना है कि ममता बनर्जी सुशासन नहीं दे सकी। रूल ऑफ लॉ दूर होता जा रहा है। अमित शाह ने एक रैली में कहा था कि ममता बनर्जी एक बड़ी नेता हैं, लेकिन एक सफल सीएम नहीं हैं। सीमावर्ती इलाकों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।

उनके अनुसार, केंद्र सरकार की कई अहम योजनाओं को यहां स्वीकार ही नहीं किया गया। टीएमसी अपनी योजनाएं लाती है। बॉर्डर से लगते करीब दर्जनभर जिले हैं, जिनमें अस्सी से सौ विधानसभा सीटें होंगी। टीएमसी की सत्ता से पहले बॉर्डर को सुरक्षित बनाने के लिए कई प्रोजेक्ट मंजूर हुए थे। इनमें सड़कें और कंटीली बाड़ लगाने की भी योजना शामिल थी।

ममता बनर्जी के सीएम बनने के बाद अधिकांश प्रोजेक्ट बंद हो गए या उनकी गति कछुए की चाल जैसी हो गई। कंपोजिट बॉर्डर आउटपोस्ट के लिए जमीन अधिगृहण की प्रक्रिया अधर में लटकी रही। नतीजा, तस्करी और अन्य अपराध तेजी से बढ़े। कूचबिहार की रैली में अमित शाह ने कहा था कि तस्करी और अवैध घुसपैठ बंद कराने के लिए सत्ता परिवर्तन जरूरी है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मालदा में गौ तस्करी का मुद्दा प्रमुखता से उठाते कहा था कि भाजपा की सरकार बनने के सात दिन के भीतर इस समस्या को खत्म कर देंगे।
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