Bihar Election 2020: कौन हैं सुनील अरोड़ा, जिनकी देखरेख में होंगे बिहार विधानसभा चुनाव 2020

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 25 Sep 2020 04:17 PM IST
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भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा
भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा - फोटो : भारतीय निर्वाचन आयोग

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सार

पहले चरण यानी 28 अक्टूबर को 16 जिलों की 71 सीटों पर मतदान होगा। 
दूसरे चरण यानी 3 नवंबर को 17 जिलों की 94 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। 
तीसरे चरण यानी 7 नवंबर को 78 सीटों पर मतदान होगा। 
10 नवंबर को मतगणना होगी। 

विस्तार

Bihar Election 2020: बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के लिए चुनाव आयोग ने पूरा ब्यौरा जारी कर दिया है। मुख्य चुनाव अधिकारी सुनील अरोड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बिहार में चुनाव तीन चरण में कराए जाएंगे। 
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पहले चरण में 28 अक्टूबर को मतदान होगा, दूसरे चरण में 3 नवंबर और तीसरे चरण में 7 नवंबर को मतदान कराया जाएगा। वोटों की गिनती 10 नवंबर को होगी। चुनाव आयोग ने कोरोना महामारी को देखते हुए वोटिंग के लिए कई विशेष इंतजाम किए हैं। प्रेम कॉन्फ्रेंस के बाद उन्होंने पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए और चुनाव से संबंधित हर पहलू पर रौशनी डाली। 

इन सबके बीच यह जानना दिलचस्प होगा कि आखिर इन चुनावों की रूपरेखा बनाने वाले और इसकी घोषणा करने वाले मुख्य चुनाव अधिकारी सुनील अरोड़ा कौन हैं। 

  • सुनील अरोड़ा भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 1980 बैच के राजस्थान कैडर के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। बतौर चुनाव आयुक्त अरोड़ा की नियुक्ति 31 अगस्त 2017 को हुई थी। राजस्थान में प्रशासनिक सेवा के दौरान विभिन्न जिलों में तैनाती के अलावा 62 वर्षीय अरोड़ा ने केंद्र सरकार में सूचना एवं प्रसारण सचिव और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय में सचिव के रूप में कार्य किया।
  • इसके अलावा वह वित्त और कपड़ा मंत्रालय एवं योजना आयोग में विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वह 1993 से 1998 तक राजस्थान के मुख्यमंत्री के सचिव और 2005 से 2008 तक मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भी रहे है।
  • सुनील अरोड़ा का जन्म 13 अप्रैल 1956 को पंजाब के होशियारपुर में हुआ था। शुरुआती शिक्षा होशियारपुर के विद्या मंदिर स्कूल और दयानंद मॉडल स्कूल से हुई, जिसके बाद डीएवी और वहां से डीएवी कॉलेज होशियापुर से सुनील ने ग्रेजुएशन की। इसके बाद पंजाब यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी से एमए करने के बाद सुनील यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी पढ़ाने लगे।
  • 1980 में राजस्थान कैडर से आईएएस सुनील का पारिवारिक माहौल पढ़ाई-लिखाई से ही संबंधित रहा। उनके पिता इंडियन रेलवे में काम करते, जबकि मां होशियारपुर के ही डीएवी कॉलेज में पढ़ाती थीं। इसका असर बच्चों पर भी पड़ा। सुनील के अलावा दोनों भाई भी महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर हैं।
  • सुनील अरोड़ा के पास सरकारी कामकाज का लंबा अनुभव है। आईएएस की नौकरी के दौरान राजस्थान के धौलपुर, अलवर, नागौर और जोधपुर जैसे जिलों में तैनात रह चुके अरोड़ा 1993-1998 के दौरान मुख्यमंत्री के सचिव पद पर थे।
  • गहरी प्रशासनिक समझ रखने वाले इस अधिकारी को समय-समय पर महत्वपूर्ण पद मिलते रहे। सुनील ने राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क, उद्योग एवं निवेश विभागों में भी अपनी सेवाएं दी हैं। उन्होंने नागरिक विमानन मंत्रालय में संयुक्त सचिव के पद पर भी अपनी सेवाएं दी हैं। वह पांच साल तक इंडियन एयरलाइंस के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भी रह चुके हैं।
  • सुनील अरोड़ा यूं तो अप्रैल 2016 में रिटायर हो गए थे, लेकिन उनकी दूरदर्शिता और चुनावी मामलों पर पकड़ को देखते हुए उन्हें पोस्ट-रिटायरमेंट भी लगातार जोड़ा रखा गया।
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