Bharat Bandh News: किसानों का भारत बंद आज, जानें कहां-कैसी तैयारी, क्या खुला और क्या रहेगा बंद

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Mon, 27 Sep 2021 03:39 AM IST

सार

किसानों ने सुबह छह बजे से शाम चार बजे तक के बंद के दौरान सभी सरकारी और निजी कार्यालय, शैक्षणिक और अन्य संस्थान, दुकानें, उद्योगऔर वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को बंद रखने की अपील की है। 
किसानों का भारत बंद
किसानों का भारत बंद - फोटो : पीटीआई
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विस्तार

कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों ने आज भारत बंद रखा है। इसके लिए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत एनसीआर में पुलिस ने कड़े सुरक्षा प्रबंध किए हैं। संयुक्त किसान मोर्चा ने सभी 40 घटक संगठनों से सुबह छह बजे से शाम चार बजे तक अपने यहां गतिविधियां बंद कराने के लिए जुटने का आह्वान किया।
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पंजाब और आंध्र प्रदेश सरकार और कांग्रेस-बसपा-सपा समेत कई दल बंद को समर्थन दे चुके हैं। मोर्चा पदाधिकारियों का कहना है, बाजारों के साथ राज्य व राष्ट्रीय राजमार्गों व रेलमार्गों पर भी यातायात बंद कराया जाएगा। दिल्ली आने वाले राजमार्गों के साथ राष्ट्रीय राजधानी के चारों तरफ से गुजर रहे केजीपी, केएमपी हाईवे पर भी आवागमन ठप कराया जाएगा।




राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर कड़ी चौकसी
किसानों की ओर से सोमवार के भारत बंद को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सीमावर्ती इलाकों में गश्त बढ़ा दी है। पुलिस के अतिरिक्त जवानों को तैनात कर दिया गया है। सीमाओं से दिल्ली में प्रवेश करने वाले    सभी वाहनों की सघनता से जांच की जा रही है।

डीसीपी दीपक यादव ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रदर्शनकारी दिल्ली की तीन सीमाओं पर बैठे हैं और उन्हें राष्ट्रीय राजधानी में घुसने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इंडिया गेट और विजय चौक पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। यादव ने कहा कि दिल्ली में किसी तरह के विरोध प्रदर्शन की खुफिया जानकारी नहीं मिली है। 

इसके बावजूद सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। राष्ट्रीय राजधानी में भारत बंद का आह्वान नहीं किया गया है लेकिन हमलोग सभी गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। उधर, संयुक्त किसान मोर्चा टीकरी बॉर्डर कमेटी की बैठक बलविंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान सर्वसम्मति के साथ बहादुरगढ़ में रेलवे ट्रैक को जाम करने का फैसला लिया गया।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस पर यातायात बाधित

 भारत बंद के तहत आंदोलनकारी किसान दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर यातायात बाधित कर दिया है। भाकियू ने सुबह छह से शाम साढ़े चार बजे तक एक्सप्रेसवे की सभी लेन बंद करने का एलान किया है। गाजियाबाद के मोदीनगर राजचौपला, मुरादनगर तहसील, लालकुआं-डासना, हापुड़ चुंगी और अन्य जगहों पर किसानों ने चक्का जाम किया है। 

यूपी गेट पर आप के राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने राकेश टिकैत से मुलाकात में उन्हें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तरफ से समर्थन दिया। रविवार को यूपी गेट पर किसान पदाधिकारियों की बैठक हुई। भाकियू जिलाध्यक्ष चौ. बिजेंद्र सिंह का कहना है कि बैठक के बाद निर्णय लिया गया कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को सुबह छह बजे ही बंद किया जाएगा। पैदल राहगीरों को किसी प्रकार की समस्या न हो। इसके लिए पानी, फल और खाने का भी प्रबंध रहेगा।

मेरठ: 14 जगह होगा चक्का जाम

भारत बंद के दौरान आज किसान संगठन जिले में 14 जगह चक्का जाम करेंगे। इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर सभी कुछ बंद रखने का एलान किया गया है। जिले में भाकियू ने 13 स्थानों पर और जय किसान आंदोलन ने एक जगह चक्का जाम करने का एलान किया है। चक्का जाम के दौरान सभी इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेगी। एंबुलेंस और स्कूल बस को नहीं रोका जाएगा। मेडिकल स्टोर, अस्पताल, फायर वाहन आदि भी बंद से बाहर रहेंगे।

ये हैं चक्का जाम के प्वाइंट 
एनएच-58 पर सिवाया टोल प्लाजा, सकौती और परतापुर तिराहा, मेरठ-करनाल रोड पर जंगेठी, दबथुआ, भूनी चौराहा और रिठाली, मेरठ-पौड़ी हाईवे पर बहसूमा और छोटा मवाना, बना-मसूरी, मेरठ-बागपत रोड पर जानी, मेरठ-बड़ौत मार्ग पर पूठ गंगनहर और किला-गढ़ रोड तिराहा व भटीपुरा गांव के सामने चक्का जाम किया जाएगा।

दिल्ली घेरेंगे किसान पीएम आवास के बाहर गाड़ेंगे तंबू

पानीपत में नई अनाज मंडी में रविवार को आयोजित महापंचायत में किसान नेताओं ने दिल्ली का घेराव करने और पीएम आवास के बाहर तंबू गाड़ने की चेतावनी दी है। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार ने कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया तो किसान दिल्ली कूच के लिए तैयार रहें। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों के विरोध में किसान आंदोलन को 10 माह पूरे हो चुके हैं। 

इसमें 700 किसान शहीद हो चुके हैं। पिछले दस माह से किसान अपने घर नहीं लौटा है। इस लड़ाई में दस साल भी डटना पड़े तो डटेंगे, लेकिन किसान पीछे नहीं हटेंगे। टिकैत ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि  कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया गया तो दस साल पुराने ट्रैक्टर जो सरकार ने बंद किए हैं, वे दिल्ली की सड़कों पर होंगे।

सोनीपत: अर्धसैनिक बल व पुलिस की नौ कंपनी संभालेंगी मोर्चा

भारत बंद के मद्देनजर सोनीपत में अर्धसैनिक बल व पुलिस की नौ कंपनियां तैनात की गई हैं। जिले में 16 स्थानों पर नाके लगाए गए हैं। आपात स्थिति के लिए पुलिस की आठ कंपनी रिजर्व में रखी गई हैं। दरअसल कुंडली बॉर्डर पर किसानों की भीड़ के चलते आंदोलन का असर अधिक रहता है। 

संयुक्त किसान मोर्चे के पदाधिकारियों ने केजीपी, केएमपी और जीटी रोड पर आवागमन पूरी तरह बंद करने का एलान किया है। पुलिस ने नेशनल हाईवे-44 के साथ ही केएमपी और केजीपी तथा खरखौदा व गोहाना में ज्यादा संख्या में सुरक्षाकर्मी लगाए हैं। केजीपी, केएमपी और नेशनल हाईवे पर आठ नाके लगाकर जरूरत के अनुसार फोर्स उपलब्ध कराई जाएगी।

क्या खुला रहेगा और क्या बंद
इस दौरान सभी सरकारी और निजी दफ्तर, शिक्षण और अन्य संस्थान, दुकानें, उद्योग और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। बंद से सभी आपात प्रतिष्ठानों, सेवाओं, अस्पतालों, दवा की दुकानों, राहत एवं बचाव कार्य और निजी इमरजेंसी वाले लोगों को बाहर रखा गया है।

कई राजनीतिक दलों का समर्थन
संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद को कई राजनीतिक दलों ने अपना समर्थन दिया है। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने बंद को अपना समर्थन दिया है। वहीं बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भारत बंद में शामिल होने की घोषणा की है। इसके अलावा कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, बसपा, आंध्र प्रदेश सरकार, तृणमूल कांग्रेस ,माकपा, जेडीएस, तमिलनाडु में सत्ताधारी डीएमके इस बंद को समर्थन देगी।

ट्रेनों पर असर: रेलवे वेट एंड वॉच की मुद्रा में

किसान संगठनों ने सोमवार को एक बार फिर भारत बंद का एलान किया है। इसे देखते हुए एक बार फिर यात्रियों के मन में यात्रा करने को लेकर दुविधा बढ़ गई है। खासकर रेलवे पर पडने वाले इसके असर को लेकर रेल प्रशासन सर्तक हो गया है। किसानों ने सोमवार की सुबह छह बजे से ही भारत बंद का ऐलान किया गया है। लिहाजा रेल प्रशासन ने भी पंजाब, हरियाणा रेल लाइन पर चौकसी बढ़ा दिया है। 

की-मैन, पेट्रोलिंग टीम के साथ ही निगरानी के लिए कंट्रोल सेट-अप किया गया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अभी वेट एंड वाच की स्थिति में है। पिछले बंद के दौरान रेल सेवा प्रभावित हुई थी। पंजाब के किसान अगर रेल ट्रैक पर धरना शुरू कर देते है तो ट्रेन प्रभावित होगी। लिहाजा सोमवार को रेल से यात्रा करने वालों को नसीहत दी गई है कि ट्रेन का समय जानकर ही घर से निकले। 

बेशक टिकट की बुकिंग पहले की गई हो, लेकिन ट्रेन सेवा बाधित होने के स्थिति में सफर परेशानी का सबब बन सकता है। हालांकि अभी किसी भी राज्य परिवहन या रेलवे ने आवाजाही को रोकने की घोषणा नहीं की है। लेकिन अगर कहीं रास्ते बंद हो जाते हैं तो यातायात व्यवस्था मजबूरन बंद करनी पड़ेगी। किसान संगठन कृषि कानून केखिलाफ प्रदर्शन कर रहे है। इन कानूनों को वापस लेने के लिए ही यह संगठन बार-बार भारत बंद का एलान करते है। 

भारत बंद: बाजार व फैक्ट्री पर रह सकता है बेअसर

भारत बंद का असर दिल्ली में ना के बराबर पड़ सकता है। राजनीतिक पार्टियों ने बंद को समर्थन देने का जरूर ऐलान किया है। लेकिन व्यापारिक संगठनों को इस बंद से लेकर कोई सरोकार नहीं है। ज्यादातर व्यापारिक नेताओं ने सोमवार को बाजार व दुकानें खोलने का निर्णय लिया है। यह भी कहा है कि बंद को लेकर व्यापरियों के बीच किस तरह की अपील भी नहीं की गई है और ना ही व्यापारिक संगठनों ने ही इस तरह की कोई बैठक की है।

सोमवार को भारत बंद का असर दिल्ली में बेअसर रहने की संभावना है। फैक्ट्री, दुकान, मॉल, जिम, फटपाथ मार्केट समेत ट्रेडर्स एसोसिएशन का कहना है कि त्योहार के महीने में बंद का कोई मतलब नहीं है। कोविड की वजह से वैसे ही आर्थिक व्यवस्था चरमराई हुई है। किसानों के समर्थन में भारत बंद का एलान किया गया है, लेकिन दिल्ली के कृषि उपकरणों से जुड़े मार्केट ऑटो मोटिव एंड जेनरल ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन मोरी गेट ने बाजार को खोले रखने का निर्णय लिया है। 

एसोसिएशन के अध्यक्ष निरंजन पोद्दार का कहना है कि समस्या का समाधान बाजार बंद करने से नहीं जापान की तरह ज्यादा घंटे काम करके विरोध जताने का है। बंद से नुकसान व्यापारियों का ही नहीं मजदूरों का ही होता है। कश्मीरी गेट ऑटोमोटिव पार्ट मर्चेन्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय नारंग ने बताया कि बाजार का बंद से कोई लेना देना नहीं है। ओल्ड मिनी मार्केट जनपथ के प्रधान विनोद शर्मा ने कहा कि बाजार बंद करने का अभी तक किसी तरह का एजेंडा नहीं है। सभी दुकानें खोली जाएंगी।

किसानों ने जीना मुहाल किया है: फैक्ट्री संचालक
सूक्ष्म व लघु उद्योग क्षेत्र में कार्यरत लघु उद्योग भारती ने भी बंद का समर्थन नहीं किया है। दिल्ली ईकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र नागपाल ने कहा है कि किसानों के धरने-प्रदर्शन की वजह से फैक्ट्री संचालकों का ही नहीं मजदूरों का भी रोजगार छिन गया है। 

संयुक्त मोर्चा ने सभी वर्ग से बंद में शामिल होने की अपील की

पिछले 10 महीने से दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों ने सोमवार को भारत बंद को सफल बनाने के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। बंद को शांतिपूूर्ण बनाए रखने की अपील करते हुए संयुक्त किसान मोर्चा ने सभी वर्गों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की गुजारिश की है। सुबह छह बजे से शाम चार बजे तक पूरे देश में भारत बंद का मोर्चा ने ऐलान किया है। 

26 नवंबर, 2020 से दिल्ली की सीमाओं पर किसान अपनी मांगों के समर्थन में डटे हुए हैं। केंद्र ओर राज्य सरकारों की तरफ से लगाई गई बाधाओं के बावजूद कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग पर किसान अड़े हुए हैं। संयुक्त किसान मोर्चा ने तीनों कानूनों को कॉरपोरेट समर्थक बताते हुए फसलों पर लाभकारी एमएसपी को कानूनी अधिकार बनाने की मांग की है।
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