विज्ञापन
विज्ञापन

करतारपुर कॉरिडोर खुलने से पहले बीएसएफ ने जताई चिंता, सुरक्षा में सेंध लगा सकता है पाक!

जितेंद्र भारद्वाज, करतारपुर कॉरिडोर से लौट कर Updated Fri, 18 Oct 2019 09:09 PM IST
Kartarpur development Work
Kartarpur development Work - फोटो : AmarUjala
ख़बर सुनें
करतारपुर कॉरिडोर पर तेजी से काम चल रहा है। अगले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कॉरिडोर के जरिए सिख संगत के पहले जत्थे को पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब के लिए रवाना कर सकते हैं। करतारपुर आने वाली संगत पर पाकिस्तान सरकार की तरफ से लगाई गई 20 डॉलर प्रति व्यक्ति की फीस को लेकर भारत सरकार बातचीत कर रही है। इन सबके बीच कॉरिडोर की सुरक्षा को लेकर बीएसएफ बड़ी चिंतित है। कॉरिडोर और पैसेंजर टर्मिनल की सुरक्षा के लिए जो कुछ चाहिए, उन्हें अभी तक वह नहीं मिला है।

भारत की सुरक्षा में सेंध लगाने कोशिश

जिस तरह के खुफिया अलर्ट आ रहे हैं, वे चौंकाने वाले हैं। पाकिस्तान कॉरिडोर के जरिए भारत की सुरक्षा में सेंध लगाने का हर संभव प्रयास करेगा। बीएसएफ ने कॉरिडोर की सुरक्षा के लिए एक बटालियन मांगी थी, लेकिन अभी तीन कंपनियां ही पहुंची हैं। वाहनों की जांच, चेहरे पहचानने वाले यंत्र, जैमर, सीसीटीवी, रेडिएशन का पता लगाने वाले उपकरण और ड्रग्स एवं विस्फोटक सामग्री की टोह के लिए जो कुछ चाहिए, वह सब नहीं मिला है। साथ ही पाकिस्तान ने ये कह कर सुरक्षा बलों की चिंता और ज्यादा बढ़ा दी है कि वह सिख संगत के साथ किसी भी सरकारी एजेंसी जैसे आईबी या दूसरे किसी विभाग के स्टाफ को करतारपुर स्थित गुरुद्वारे और पैसेंजर टर्मिनल तक जाने की इजाजत नहीं देगा।

नकली धर्म गुरुओं का सहारा ले सकती है आईएसआई

बीएसएफ के सूत्र बताते हैं कि पाकिस्तान स्थित करतारपुर गुरुद्वारे में आईएसआई और दूसरी लोकल एजेंसियों के लोगों का जमावड़ा रहेगा। वहां जाने वाली सिख संगत को गुमराह करने का प्रयास होगा। इसके लिए पाकिस्तानी आईएसआई नकली धर्म गुरुओं का सहारा ले सकती है। वे सिख धर्म के अनुयायियों का वेश धारण कर सिख संगत के लोगों को भारत के दूसरे समुदायों के खिलाफ भड़काएंगे। उन्हें 1984 के दंगों की याद दिला सकते हैं। इसके लिए वे झूठी प्रचार सामग्री और सोशल मीडिया का सहारा लेंगे, ऐसी पूरी संभावना है।

स्लीपर सेल बनने का खतरा

भारतीय खुफिया एजेंसियों का अनुमान है कि गुरुद्वारे में पहुंचने वाला कोई व्यक्ति अगर आईएसआई के बहकावे में आ गया, तो वे उसे अपना स्लीपर सेल बनाने में देर नहीं लगाएंगे। ऐसे मामलों में स्लीपर सेल को एक चिप दे दी जाती है। वह उसकी मदद से आईएसआई के साथ किसी भी समय संपर्क कर सकेगा। इतना ही नहीं, इस बात के भी पूरे आसार हैं कि वे अपना सिमकार्ड हमारे देश में पहुंचा दें। एक अधिकारी के मुताबिक, आजकल जिस तरह के माइक्रो सिम आ रहे हैं, उन्हें आसानी से बालों में छिपाकर लाया जा सकता है। एक बार पाकिस्तानी सिम हमारे देश में पहुंच जाएगा, तो उसका किस तरह दुरुपयोग होगा, इसका अंदाजा सुरक्षा एजेंसियों को है।

भारत की यह मांग ठुकराई

ड्रग्स की तस्करी और दूसरे छोटे उपकरणों को सीमा पार ले जाना और लाना, ये सब भी शुरु होने के आसार हैं। करतारपुर में आईएसआई रुपयों की मदद से या दूसरी सुविधाएं देकर भी अपना काम निकाल सकती है। यही वजह है कि पाकिस्तान ने भारत सरकार की वह मांग अस्वीकार कर दी है कि करतारपुर कॉरिडोर के जरिए गुरुद्वारे तक पहुंचने वाली संगत के साथ कोई भारतीय अधिकारी भी जाएगा। यहां तक कि अभी पाकिस्तान ने किसी भी ऐसे व्यक्ति को, जिसने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, उसे इमीग्रेशन सेंटर या पैसेंजर टर्मिनल तक जाने की इजाजत नहीं देने की बात कही है।

कॉरिडोर की सुरक्षा के लिए चाहिए ये सब 

  • एक दिन में पांच हजार आदमी गुरुद्वारे में जाते हैं और वापस आते हैं। इनकी जांच के लिए अत्याधुनिक उपकरण लाने होंगे।
  • डेरा बाबा नानक गांव पर बन रहे कॉरिडोर, पैसेंजर टर्मिनल, जिसे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ एयरपोर्ट की तर्ज पर बनाया जा रहा है, उसकी सुरक्षा के लिए बड़े पैमाने पर मानवीय और तकनीकी मदद लेनी होगी 
  • बीएसएफ अधिकारी कहते हैं कि एक दिन में वहां पांच हजार अनुयायी आ सकते हैं। अगर ये सब 15 सौ वाहनों में आते हैं, तो पार्किंग की सुरक्षा के लिए अलग से उपकरण लगेंगे। इतने वाहनों की जांच मैनुअल तरीके से संभव नहीं होगी।
  • अपराधिक तत्व पार्किंग में कोई विस्फोटक सामग्री न ला पाएं, इसका इंतजाम भी करना होगा।  
  • चूंकि रोजाना पांच हजार लोग और हजार से ज्यादा वाहन, ऐसे में रेडिएशन के खतरे से भी सावधान रहना होगा। रेडिएशन की जांच वाला उपकरण भी मुहैया कराना है।
  • कॉरिडोर पर कम से कम सात सौ सिक्योरिटी कैमरे लगाए जाने की जरुरत है।
  • वहां मौजूद बीएसएफ कर्मियों को ऐसा मोबाइल डिवाइस दिया जाए, जिसमें वे कॉरिडोर के किसी भी हिस्से की सीसीटीवी फुटेज देख सके।
  • किसी भी तरह की वारदात की रियल टाइम इंर्फोमेशन हर सुरक्षाकर्मी तक पहुंच जाए, इस तरह का सिस्टम लगाना होगा।
  • कॉरिडोर पर आने वाले हर वाहन की नंबर प्लेट दर्ज होती रहे, दो तीन जगहों पर वाहन स्कैनर लगाएं जाएं। 
  • मूविंग सिक्योरिटी कैमरे जो कि लाइट टावर तक पहुंचे, लगाने होंगे।
  • कंट्रोल रूम में बड़ी स्क्रीन पर घटना स्थल एवं उसके आसपास की दर्जनभर लोकेशन की लाइव वीडियो देखने की सुविधा रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

Recommended

अनियमित पीरियड्स- जाने क्यों बनती जा रही है हर दूसरी लड़की की समस्या
NIINE

अनियमित पीरियड्स- जाने क्यों बनती जा रही है हर दूसरी लड़की की समस्या

विनायक चतुर्थी पर सिद्धिविनायक मंदिर(मुंबई ) में भगवान गणेश की पूजा से खत्म होगी पैसों की किल्लत 30-नवंबर-2019
Astrology Services

विनायक चतुर्थी पर सिद्धिविनायक मंदिर(मुंबई ) में भगवान गणेश की पूजा से खत्म होगी पैसों की किल्लत 30-नवंबर-2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

India News

आज दिनभर इन खबरों पर बनी रहेगी हमारी नजर, जिनका होगा आप पर असर

हर रोज हम अलग-अलग खबरों से दो-चार होते हैं। हमारी आंखों के सामने से कई सारी खबरें गुजरती हैं। इनमें से कुछ ऐसी अहम खबरें होती हैं, जिनका हमारे जीवन पर अहम असर पड़ता है, यहां उन्हीं अहम खबरों की जानकारी मिलेगी।

23 नवंबर 2019

विज्ञापन

महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री होंगे उद्धव ठाकरे,शरद पवार ने कहा बनी सहमती

महाराष्ट्र के अगले सीएम उद्धव ठाकरे होंगे। शरद पवार ने कहा की सहमती बन गई है। देखिए रिपोर्ट

22 नवंबर 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election