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सबको सुबह का इंतजार, 10.30 बजे सर्वोच्च न्यायालय सुनाएगा ऐतिहासिक निर्णय

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 09 Nov 2019 02:52 AM IST
Ayodhya
Ayodhya - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट शनिवार को ऐतिहासिक फैसला देने जा रहा है। पांच जजों की पीठ शनिवार सुबह 10.30 बजे अपना निर्णय सुनाएगी। पहले अटकलें थीं कि यह फैसला 12 नवंबर के बाद आ सकता है। 
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मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर होने वाले हैं। इससे पहले वह अपना फैसला सुनाएंगे। शनिवार को छुट्टी के दिन के बावजूद सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ बैठेगी और फैसला सुनाएगी। इसके मद्देनजर पूरे देश में सुरक्षा के चाक चौबंद प्रबंध किए गए हैं। धर्मगुरुओं ने भी शांति बनाए रखने की अपील की है। टीवी चैनलों के मुताबिक फैसले से ठीक पहले सभी पांच जजों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

यूपी में स्कूल-कॉलेज रहेंगे बंद 

फैसले के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के सभी स्कूल, कॉलेज, शिक्षण संस्थाएं और ट्रेनिंग सेंटर 9 से 11 नवंबर तक बंद रहेंगे।  

शिवसेना ने कहा, सरकार श्रेय न ले 

अयोध्या पर फैसले से पहले शिव सेना ने बयान जारी किया। शिवसेना ने कहा है कि हमने   केंद्र सरकार से राम मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाने के लिए कहा था, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया। अब जब सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनाने जा रहा है, तो उसे इसका श्रेय नहीं लेना चाहिए। इसके अलावा कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने मध्यावधि चुनावों की संभावना पर ट्वीट किया। उन्होंने कहा, 'क्या महाराष्ट्र विधानसभा का मध्यावधि चुनाव राम मंदिर के मुद्दे पर होगा? संभवत:।'





 

इतिहास की दूसरी सबसे लंबी सुनवाई : 

सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में दूसरी सबसे लंबी सुनवाई हुई। संवैधानिक पीठ ने लगातार 40 दिनों तक सुनवाई की और 16 अक्तूबर को अपना फैसला सुरक्षित रखा। इस दौरान हिंदू और मुस्लिम पक्षकारों ने अपने—अपने पक्ष में दमदार दलीलें दीं। 

सुरक्षा व्यवस्था सख्त

फैसला आते ही प्रदेश में मोबाइल इंटरनेट सेवा भी बंद हो सकती है। इसके अलावा धारा 144 लगाए जाने के साथ सभी जिलों में अस्थायी जेल बनाई जा रही हैं। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर कड़ी नजर बनाए रखने को कहा है। इसके साथ ही अर्धसैनिक बल के 4,000 जवानों को ऐहतियातन उत्तर प्रदेश भेजा गया है। दूसरी ओर, आरपीएफ ने भी अपने सभी कर्मियों की छुट्टी रद कर 78 महत्वपूर्ण स्टेशनों की सुरक्षा-व्यवस्था का अलर्ट जारी किया है।

ये जज सुनाएंगे फैसला : 

अयोध्या विवाद में मामले की सुनवाई करने वाली संवैधानिक बेंच में सीजेआई रंजन गोगोई के अलावा जस्टिस शरद अरविंद बोबडे, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ और जस्टिस एस. अब्दुल नजीर शामिल हैं। इन्हीं जजों की पीठ शनिवार को फैसला सुनाएगी। 

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनाया था यह फैसला : 

30 दिसंबर, 2010 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाया था। अदालत ने 2.77 एकड़ की विवादित जमीन को सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला विराजमान के बीच बराबर बांटने का आदेश दिया था। फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 14 याचिकाएं दायर की गई थीं। 

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