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Assam Mizoram violence: असम के 6 जवानों की मौत पर मनाया गया 'जश्न', सीएम हिमंता ने दिखाया सबूत

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी Published by: Amit Mandal Updated Tue, 27 Jul 2021 05:54 AM IST

सार

मिजोरम-असम सीमा विवाद ने सोमवार को गंभीर रूप धारण कर लिया और इसे लेकर हुई हिंसा में असम के 6 जवानों की मौत हो गई। सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने ट्वीट करते हुए कहा कि असम पुलिस के छह वीर जवानों ने असम-मिजोरम सीमा पर हमारे राज्य की सांविधानिक सीमा की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी है।
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Assam Mizoram clash
Assam Mizoram clash - फोटो : PTI
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विस्तार

सीमा विवाद को लेकर सोमवार को असम-मिजोरम सीमा पर हिंसा भड़क उठी जिसमें असम के 6 जवानों को अपनी जान गंवानी पड़ी। मिजोरम की ओर से उपद्रवियों और पुलिस जवानों द्वारा की गई गोलीबारी में असम के कछार में छह पुलिसकर्मियों की मौत हो गई और 50 से अधिक घायल हुए हैं। इस घटना के बाद दोनों राज्यों के बीच तनाव और बढ़ गया है। 
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वहीं इस घटना के बाद असम और मिजोरम के मुख्यमंत्रियों के बीच ट्विटर पर ही जंग छिड़ गई। असम के मुख्यमंत्री हिमंता विस्वा सरमा ने एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि असम के पुलिसकर्मियों की मौत का मिजोरम के उपद्रवियों और जवानों ने जश्न मनाया।

After killing 5 Assam police personnel and injuring many , this is how Mizoram police and goons are celebrating.- sad and horrific pic.twitter.com/fBwvGIOQWr

— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) July 26, 2021

दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से इस मामले में दखल की अपील की। देर रात शाह ने दोनों राज्यों के सीएम से बात की और उनसे विवादित सीमा क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करने और मैत्रीपूर्ण ढंग से समाधान निकालने को कहा। दोनों मुख्यमंत्रियों ने उन्हें विवाद का आपसी सहमति से हल निकालने का आश्वासन दिया।  

सीएम सरमा ने किया ट्वीट
इससे पहले असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने ट्वीट किया, मुझे यह बताते हुए अत्यंत दुख हो रहा है कि असम पुलिस के छह वीर जवानों ने असम-मिजोरम सीमा पर हमारे राज्य की सांविधानिक सीमा की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदना। जंगल में छिपे असम पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मतभेदों का समाधान निकालने के लिए जब दोनों पक्षों के अधिकारी वार्ता कर रहे थे, तभी सीमापार से उपद्रवियों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी।

उन्होंने कहा कि बैठक में मिजोरम के कोलासिब के एसपी और एएसपी भी शामिल थे जबकि असम पुलिस के आईजीपी, डीसी, एसपी भी थे। सभी लोग समस्या का समाधान निकालने के लिए बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमने अपने लोगों को वहां आने की अनुमति नहीं दी लेकिन मिजोरम के पक्ष से लगातार पथराव हो रहा था। इतना ही नहीं, उन लोगों ने पहाड़ी से हम लोगों पर गोलीबारी भी की। इसमें कितने लोग घायल हुए, यह बताना अभी मुश्किल है लेकिन कम से कम 50 लोग जख्मी हुए हैं। 

कछार के एसपी की हालत नाजुक 
सिलचर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के प्रिंसिपल बाबुल बेजबरूआ ने बताया कि गोलीबारी में घायल 50 पुलिसकर्मियों को भर्ती कराया गया है। ये सभी गोलियों और पथराव से जख्मी हैं। एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि कछार के एसपी की हालत नाजुक है। एक गोली उनकी जांघ में लगी है। साथ ही पेट में भी जख्म है। उनका काफी खून बहा चुका है। 

दोनों सीएम के बीच ट्विटर पर जंग
मिजोरम के सीएम जोरमथंगा ने पुलिस और नागरिकों के बीच झड़प का एक वीडियो ट्वीट करते हुए पीएमओ व गृहमंत्री अमित शाह को टैग करते हुए अनुरोध किया कि यह मामला गंभीर है और इस मामले में तुरंत कोई कार्रवाई की जाए। साथ ही हैशटैग के साथ लिखा, मिजोरम-असम सीमा पर तनाव। उनके जवाब में सरमा ने एक वीडियो ट्वीट किया, कोलासिब के एसपी कह रहे हैं कि जब तक असम पुलिस अपनी पोस्ट खाली नहीं कर देती, तब तक उस तरफ के लोग न हिंसा रोकेंगे, न किसी की सुनेंगे। ऐसे में सरकार अपना काम कैसे कर सकती है।

इसी के साथ उन्होंने भी गृहमंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय से दखल की मांग कर दी। जोरमथंगा ने एक और ट्वीट किया कि गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुई सौहार्दपूर्ण बैठक के बाद भी असम पुलिस की दो कंपनियों ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर मिजोरम के अंदर पड़ने वाले वैरेंग्ते ऑटो रिक्शा स्टैंड पर हमला किया। इस दौरान उन्होंने मिजोरम पुलिस और सीआरपीएफ तक को पीछे हटने के लिए मजबूर कर दिया। असम के सीएम ने देर शाम ट्वीट किया कि उन्होंने सीएम जोरमथंगा से बात कर सीमा पर यथास्थिति बनाए रखने की बात दोहराई है। जरूरत पड़ने पर वे इस मुद्दे को लेकर मिजोरम की राजधानी का दौरान करने को भी तैयार हैं।

मिजोरम के गृहमंत्री का आरोप, असम ने दागे आंसू गैस के गोले
वहीं मिजोरम के गृहमंत्री ने आरोप लगाया कि असम पुलिस के आईजी के नेतृत्व में हथियारों से लैस लगभग 200 असम पुलिस जवान आज वैरेंगटे ऑटो-रिक्शा स्टैंड पर आए। उन्होंने वहां तैनात सीआरपीएफ जवानों की ड्यूटी पोस्ट को जबरन पार किया और मिजोरम पुलिस की ड्यूटी पोस्ट को नुकसान पहुंचाया। असम पुलिस ने निहत्थे नागरिकों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे, जिससे कई नागरिक घायल हुए।

अतिक्रमण को लेकर है विवाद
असम के बराक घाटी जिलों कछार, करीमगंज और हैलाकांडी मिजोरम के तीन जिलों आइजोल, कोलासिब और ममित के साथ 164 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं। क्षेत्रीय विवाद के चलते अगस्त 2020 और इस साल फरवरी में भी दोनों राज्यों के सीमावर्ती इलाकों के लोगों के बीच झड़प हुई थी। दोनों राज्यों के बीच सीमा विवाद तब उपजा जब असम पुलिस ने अपनी जमीन पर कथित तौर पर अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान शुरू किया। 10 जुलाई को जब असम सरकार की टीम मौके पर गई तो उस पर अज्ञात लोगों ने आईईडी से हमला कर दिया।
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