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Apiculture: मधुमक्खी पालन को कृषि साधन का दर्जा, फसलों के साथ शहद उत्पादन को बढ़ावा, किसानों की बढ़ेगी आय

महेंद्र तिवारी, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Wed, 10 Aug 2022 06:46 AM IST
सार

केंद्रीय कृषि मंत्रालय में आयुक्त उद्यान प्रभात कुमार ने बताया, सरकार शहद के प्रोसेसिंग व मार्केटिंग तक में सहयोग उपलब्ध करा रही है। किसान अपने खेतों व बागों में फसलों के साथ आवश्यक मधुमक्खी बॉक्स रखेंगे। इससे फसल का उत्पादन के साथ शहद उत्पादन को भी बढ़वा मिलेगा।

मधुमक्खी पालन (सांकेतिक तस्वीर)।
मधुमक्खी पालन (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

केंद्र सरकार ने मधुमक्खी पालन को भी कृषि इनपुट (एक साधन) के रूप में मान्यता दे दी है। अब मधुमक्खी पालन को खाद, बीज और कीटनाशक की तरह कृषि उत्पादन बढ़ाने के एक साधन के रूप में उपयोग किया जा सकेगा। इससे मधुमक्खी पालन को बड़े स्तर पर प्रोत्साहन की राह खुलेगी।



कृषि उत्पादन बढ़ने के साथ शहद उत्पादन और निर्यात भी बढ़ सकेगा। वित्त वर्ष 2021-22 में देश से 1221 करोड़ रुपये से अधिक कीमत के 74 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा शहद का निर्यात हुआ है। केंद्र सरकार के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय में आयुक्त उद्यान प्रभात कुमार ने बताया, सरकार शहद के प्रोसेसिंग व मार्केटिंग तक में सहयोग उपलब्ध करा रही है। किसान अपने खेतों व बागों में फसलों के साथ आवश्यक मधुमक्खी बॉक्स रखेंगे। इससे फसल का उत्पादन के साथ शहद उत्पादन को भी बढ़वा मिलेगा।


शहद उत्पादन में टॉप-10 राज्य (2021-22)
राज्य उत्पादन (मीट्रिक टन में) शेयर
यूपी 22500 18.00%
प. बंगाल 20000 16.00%
पंजाब 17000 13.60%
बिहार 16000  12.80%
राजस्थान 11200  8.96%
हिमाचल  5850 4.68%
हरियाणा 4800  3.84%
उत्तराखंड 2700 2.16%
मध्य प्रदेश 2600 2.08%
कर्नाटक 2300 1.84 %

स्रोत : नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड (एपीडा वेबसाइट)

हरियाणा ने जहां 2021-22 में 671.11 करोड़ रुपये का 39655.70 एमटी शहद निर्यात किया, वहीं यूपी में इस सत्र में 132.72 करोड़ रुपये का 8200.51 एमटी शहद निर्यात किया।

आम किसानों को होगा लाभ
नेशनल बी- बोर्ड के सदस्य व सहारनपुर में मधुमक्खी पालन व शहद के कारोबार से जुड़े संघर्ष बायोइनर्जी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के निदेशक संजय सैनी बताते हैं, 1931 से मधुमक्खी पालन हो रहा है। मैं 1990 से इस काम से जुड़ा हूं। निर्यातक के जरिये शहद का निर्यात भी करता हूं। इस फैसले से आम किसानाें का लाभ होगा।

यूपी शहद उत्पादन में आगे, लेकिन निर्यात में हरियाणा से पीछे
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादन निर्यात विकास प्राधिकरण के आंकड़ों के मुताबिक यूपी देश में सर्वाधिक शहद का उत्पादन कर रहा है। देश में कुल शहद उत्पादन का 18 फीसदी शेयर यूपी का है। इसके बाद पश्चिम बंगाल, पंजाब व बिहार जैसे राज्य आते हैं। लेकिन, निर्यात में तस्वीर बिल्कुल अलग है। वाणिज्यिक जानकारी एवं सांख्यिकी महानिदेशालय के आंकड़ों के अनुसार प्राकृतिक शहद के निर्यात में हरियाणा लगातार नंबर-1 बना हुआ है। ऐसा तब है, जब उत्पादन के मामले में वह कई वर्षों से सातवें नंबर पर है।

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