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Bengal: अनुब्रत मंडल बढ़ीं मुश्किलें, सीबीआई ने 17 करोड़ रुपये की निकासी पर लगाई रोक

अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 17 Aug 2022 09:53 PM IST
सार

फिरदौस शमीम नामक एडवोकेट ने इसे लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट में मामला दायर किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि अणुब्रत ने अपना प्रभाव दिखाकर अपनी बेटी, भाई, भतीजे, निजी सहायक समेत कुल करीबी छह लोगों को शिक्षक की नौकरी दिलाई।

अनुब्रत मंडल और सुकन्या मंडल
अनुब्रत मंडल और सुकन्या मंडल - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

पशु तस्करी मामले में गिरफ्तार तृणमूल कांग्रेस के बाहुबली नेता अणुब्रत मंडल की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। अणुब्रत पर अब अपनी बेटी सुकन्या समेत छह करीबी लोगों को अवैध तरीके से शिक्षक की नौकरी दिलाने का आरोप लगा है।

 

परिजनों को अवैध तरीके से नौकरी दिलाने का आरोप

कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया
फिरदौस शमीम नामक एडवोकेट ने इसे लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट में मामला दायर किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि अणुब्रत ने अपना प्रभाव दिखाकर अपनी बेटी, भाई, भतीजे, निजी सहायक समेत कुल करीबी छह लोगों को शिक्षक की नौकरी दिलाई। नौकरी पाने वालों में से किसी ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) पास नहीं की है।

'हाजिर नहीं होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी'

court Order
court Order
अभिजीत गंगोपाध्याय की एकल पीठ ने गुरुवार अपरान्ह तीन बजे उन सभी छह लोगों को टेट पास करने का प्रमाणपत्र लेकर सशरीर अदालत में हाजिर होने का निर्देश दिया है। न्यायाधीश ने आगे कहा कि हाजिर नहीं होने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बीरभूम के पुलिस अधीक्षक को अदालत में उनकी हाजिरी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

फिरदौस शमीम ने दावा किया कि अणुब्रत की बेटी की बिना टेट पास किए बोलपुर के कालिकापुर प्राथमिक विद्यालय में सहायक शिक्षिका के तौर पर नियुक्ति हुई। वह एक दिन भी पढ़ाने स्कूल नहीं गई। हाजिरी के लिए स्कूल से रजिस्टर उसके घर लाया जाता था।

न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय की एकल पीठ ने गुरुवार अपरान्ह तीन बजे उन सभी छह लोगों को टेट पास करने का प्रमाणपत्र लेकर सशरीर अदालत में हाजिर होने का निर्देश दिया है। न्यायाधीश ने आगे कहा कि हाजिर नहीं होने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पूर्व शिक्षा राज्यमंत्री पर भी लगा था अवैध नौकरी दिलाने का आरोप

परेश चंद्र अधिकारी
परेश चंद्र अधिकारी - फोटो : सोशल मीडिया
इससे पहले बंगाल के पूर्व शिक्षा राज्य मंत्री परेश चंद्र अधिकारी पर अपनी पुत्री अंकिता को गैरकानूनी तरीके से नौकरी दिलाने का आरोप लगा था, जिसे सही पाए जाने पर न्यायाधीश गंगोपाध्याय ने अंकिता को शिक्षिका की नौकरी से हटाने का निर्देश दिया था।

अनुब्रत मंडल और उनके परिवार के सावधि जमा निकासी पर रोक

सीबीआई
सीबीआई - फोटो : फाइल
केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मवेशी तस्करी घोटाले के संबंध में तृणमूल कांग्रेस नेता अनुब्रत मंडल और उनके परिवार के सदस्यों की 16.97 करोड़ रुपये की सावधि जमा की निकासी पर रोक लगा दी है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।उन्होंने बताया कि मामले की जांच के दौरान एजेंसी को इस सावधि जमा के बारे में पता चला।

सीबीआई की एक टीम ने बृहस्पतिवार को तृणमूल के बीरभूम जिलाध्यक्ष मंडल को बोलपुर में उनके आवास से गिरफ्तार किया था। उन्होंने अपनी स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए कई बार सीबीआई के समन को नजरअंदाज किया था।

'इलम बाजार से भारत-बांग्लादेश सीमा तक मवेशी ले जाते थे तस्कर'

अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने आरोप लगाया है कि फरार तृणमूल नेता विनय मिश्रा के भाई विकास मिश्रा और मंडल ने कथित मवेशी तस्कर इनामुल हक के सहयोगियों को संरक्षण प्रदान किया था। उन्होंने कहा कि इनामुल हक इलम बाजार में मवेशियों की खरीद करता था।

अधिकारियों ने बताया कि तस्कर इलमबाजार से भारत-बांग्लादेश सीमा तक मवेशियों को ले जाते थे और इस काम में राज्य प्रवर्तन एजेंसियों से उनका बचाव करने में कथित तौर पर मंडल और मिश्रा की भूमिका होती थी।

अनुब्रत की बेटी को कल अदालत में पेश होने का आदेश

सुकन्या मंडल
सुकन्या मंडल - फोटो : सोशल मीडिया
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पशु तस्करी घोटाले से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार तृणमूल कांग्रेस नेता अनुब्रत मंडल की बेटी सुकन्या मंडल को बुधवार को निर्देश दिया कि वह प्राथमिक विद्यालय में बिना योग्यता के नियुक्त किये जाने संबंधी आरोपों के सिलसिले में गुरुवार को उसके समक्ष पेश हों।

आरोप है कि सुकन्या और पांच अन्य लोगों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण किये बिना पश्चिम बंगाल के प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्त कर दिया गया था। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल ग्रामीण विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष अनुब्रत मंडल के कुछ करीबी लोगों को शिक्षकों के रूप में नियुक्त किया गया। इनमें सुकन्या भी है जो कभी बीरभूम के कालिकापुर प्राथमिक विद्यालय गयी ही नहीं, जहां उन्हें नियुक्त किया गया था।

याचिकाकर्ता ने एक हलफनामे में दावा किया कि स्कूल की उपस्थिति पंजी सुकन्या के हस्ताक्षर के लिए उनके घर भेजी जाती थी।न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय ने छह लोगों को बृहस्पतिवार को उनके टीईटी के प्रमाणपत्र और नियुक्ति पत्र के साथ व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर कोई उक्त निर्देश के अनुरूप पेश नहीं होता तो अदालत उनके खिलाफ कड़े कदम उठाने में संकोच नहीं करेगी।’’ सीबीआई ने मंडल को एक पशु तस्करी घोटाले के मामले में पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया था।
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