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अमर उजाला अभियान: 'हिंदी हैं हम' वेबिनार शुरू, मशहूर अंतरराष्ट्रीय वक्ता रख रहे अपने विचार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Sat, 24 Sep 2022 08:25 PM IST
सार

एक प्रमुख हिंदी समाचार पत्र होने के नाते अमर उजाला भाषा के गौरव को फिर से जगाना और बढ़ाना चाहता है और लोगों के जीवन में इसका सार वापस लाना चाहता है। इसी सोच के तहत 'हिंदी हैं हम' अभियान शुरू किया गया है। 

हिंदी हैं हम पर वेबिनार
हिंदी हैं हम पर वेबिनार - फोटो : Amar Ujala GFX
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विस्तार

अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' वेबिनार आयोजित कर रहा है। इसमें कई मशहूर अंतरराष्ट्रीय वक्ता दर्शकों के सामने अपने विचार रख रहे हैं। इन वक्ताओं में न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय की रजनी भार्गव, स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय कैलिफोर्निया से सोनिया शर्मा और उप्साला विश्वविद्यालय स्वीडन से डॉ. हाइंस वर्नर वेस्लर के नाम शामिल हैं। 



दरअसल, भारत में हिंदी सबसे व्यापक रूप से बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है, जहां लगभग 61.5 करोड़  लोग इस भाषा का उपयोग करते हैं। हिंदी भाषा इतनी लोकप्रिय है कि गूगल और फेसबुक जैसे वैश्विक दिग्गजों को लगातार बढ़ते बाजार को पूरा करने के लिए भाषा उपकरणों में निवेश करना पड़ा है। इस दौड़ में हालिया शामिल होने वाला वैश्विक खिलाड़ी नेटफ्लिक्स है, जो उपयोगकर्ता की सुविधा के लिए अपना पूरा इंटरफेस हिंदी में लॉन्च कर रहा है। 


हिंदी भाषा का प्रभाव और महत्व इतना प्रबल रहा है कि दुनिया भर के विभिन्न देशों में लोगों ने इसका अध्ययन करना शुरू कर दिया है। जैसे अंग्रेजी दुनिया को बांधती है, वैसे ही हिंदी एक ऐसा सेतु है जो दुनिया भर के लोगों को जोड़ता है। 

दुनिया भर में कई ऐसे लोग हैं जो विदेशों में भाषा और साहित्य के माध्यम से भारत की संस्कृति को संरक्षित और बढ़ावा देने के लिए समर्पित रूप से काम कर रहे हैं। वे युवा पीढ़ी को इसके साहित्य और विश्वासों में निहित भारत की संस्कृति को सीखने में मदद कर रहे हैं। अलग-अलग देशों के ऐसे लोग जो भारत से नहीं हैं या कभी भारत नहीं आए हैं, हिंदी सीखने के लिए भरपूर प्रयास कर रहे हैं।

आज जिस तरह से हिंदी को पढ़ाया जाता है, उसने भी इसकी इसकी लोकप्रियता में योगदान दिया है। विदेशी विश्वविद्यालय अब अभ्यास सत्रों के साथ प्रमाण पत्र प्रदान करते हैं, जिसमें छात्रों को न केवल सीखने का मौका मिलता है, बल्कि पढ़ाई के बाद सभाओं, गांवों की यात्राओं और भारत में स्थानीय समुदायों के साथ बैठकों के माध्यम से प्राप्त शिक्षा का परीक्षण करने का मौका मिलता है। हिंदी भाषा को न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अत्यधिक महत्व मिल रहा है। कुछ शीर्ष विश्वविद्यालय जैसे न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय, हार्वर्ड विश्वविद्यालय, स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय, उप्साला विश्वविद्यालय आदि हिंदी पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं।

अमर उजाला का हिंदी हैं हम अभियान 
एक प्रमुख हिंदी समाचार पत्र होने के नाते अमर उजाला भाषा के गौरव को फिर से जगाना और बढ़ाना चाहता है और लोगों के जीवन में इसका सार वापस लाना चाहता है, जिनके लिए यह उनकी संस्कृति में गहराई से निहित है। इसलिए अमर उजाला ने "हिंदी- अपनों की भाषा, सपनों की भाषा - हिंदी हैं हम" नाम से एक पहल शुरू की है। अभियान का नाम ही इसकी समृद्धि को दर्शाता है। 
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एक ऐसी भाषा जिसमें हम सपने देखते हैं क्योंकि यह हमारी संवेदनाओं को शब्द देती है और हमारी अभिव्यक्ति को जीवंत करती है। हिंदी: अपनों की भाषा, सपनों की भाषा: पढ़ें, बोलें, सीखें। गर्व करें। यह अभियान हिंदी भाषा के महत्व को बढ़ाने के लिए हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है और भाषा के प्रति प्रेम के माध्यम से परिवारों को जोड़ने का एक अच्छा तरीका है। इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए अमर उजाला यह वेबिनार आयोजित कर रहा है। 

इस वेबिनार को फेसबुर और यूट्यूब पर भी देखा जा सकता है, लिंक नीचे दिए गए हैं...

फेसबुक लाइव- facebook.com/amarujala

यूट्यूब- youtube.com/user/NewsAmarujala

वेबिनार के वक्ता।
वेबिनार के वक्ता। - फोटो : Social Media
रजनी भार्गव- न्यूयॉर्क विश्विद्यालय 
रजनी भार्गव न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी (एनवाईयू) में लेक्चरर हैं और तीन मुख्य कक्षाओं में हिंदी पढ़ाती हैं। वह एक एसीटीएफएल (ACTFL) प्रमाणित परीक्षक हैं और मूल्यांकन समन्वयक के रूप में कार्य करती हैं। वह स्टारटॉक (STARTALK) की समन्वयक और भाषा विशेषज्ञ भी हैं। वह एक हिंदी कवयित्री भी हैं जिनका आलेखों का प्रकाशन पुस्तकों, प्रिंट और वेब पत्रिकाओं में होता है। उन्होंने कई कविता सम्मेलनों और भाषा शिक्षण सम्मेलनों व कार्यशालाओं में भाग लिया है।

सोनिया शर्मा - स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय, कैलिफर्निया  
सोनिया शर्मा पिछले 20 वर्षों से अमरीका के विश्वविख्यात विश्वविद्यालयों में हिंदी भाषा पढ़ा रही हैं। वह अमेरिकी और भारतीय-अमेरिकी छात्रों को पढ़ाती हैं। न्यू यॉर्क के कोलंबिया विश्वविद्यालय और यू. सी. बर्कले में हिंदी की प्राध्यापिका रहने के बाद अमेरिका के रक्षा विभाग में हिंदी की प्रोफेसर रह चुकी हैं। अब वह कैलिफोर्निया के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में हिंदी की प्राध्यापिका हैं। आजकल सोनिया शर्मा अमेरिका में विश्वविद्यालयों में हिंदी भाषा पढ़ने वालों पर सबसे पहला डॉक्टरेट (Ph.D.) शोध कर रही हैं।

डॉ. हाइंस वर्नर वेस्लर- उप्साला विश्वविद्यालय, स्वीडन  
डॉ. हाइंस वर्नर वेस्लर आधुनिक दक्षिण एशियाई भाषाओं पर ध्यान केंद्रित करने के साथ ही इंडोलॉजी के प्रोफेसर हैं।  संस्कृतियों, दक्षिण एशियाई भाषा विज्ञान और भाषाशास्त्र में शिक्षण और अनुसंधान की पुरानी परंपरा को जारी रखे हुए हैं। उनकी पृष्ठभूमि जर्मन शास्त्रीय इंडोलॉजी में है, लेकिन कई वर्षों से उनका व्यक्तिगत ध्यान भारत और पाकिस्तान में हिंदी और उर्दू साहित्य, सांस्कृतिक इतिहास, धर्म और समाज पर रहा है। उन्हें हिंदी में योगदान के लिए दो पुरस्कार भी मिल चुके हैं: विश्व हिंदी सम्मान (2015) और जॉर्ज ग्रियर्सन पुरस्कार 2018।
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