'My Result Plus

पूर्व सांसदों को पेंशन मिलना रहेगी जारी, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 16 Apr 2018 12:02 PM IST
against pension for former mps supreme court quashes petition
ख़बर सुनें
सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सांसदों को आजीवन पेंशन और भत्ता देने के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है। इस मामले में कोर्ट ने 7 मार्च को फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने कहा कि किसी भी देश में ऐसा नहीं होता कि कोर्ट नीतिगत मुद्दों पर फैसला दे। कोर्ट ऐसे फैसले नहीं कर सकता। केंद्र की तरफ से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने पूर्व सांसदों को आजीवन पेंशन और भत्ते दिये जाने का समर्थन किया। 
केंद्र सरकार का कहना है कि पूर्व सांसदों को देश-विदेश की यात्रा करनी पड़ती है। हालांकि लोक प्रहरी नाम के एनजीओ ने सरकार का विरोध करते हुए कहा कि 82 फीसदी सांसद करोड़पति हैं इसलिए उनको पेंशन की जरूरत नहीं है।  

वहीं इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सांसदों को कुछ अधिकार और विशेषाधिकार मिलते हैं इसलिए उनकी पेंशन का उनकी सालाना सेवा की संख्या के साथ गठजोड़ नहीं होना चाहिए। संसद 'पेंशन' शब्द को बदलकर मुआवजा नाम दे सकती है। एक व्यक्ति सांसद बनने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर देता है। उसे सांसद बनने के लिए लोगों से मिलना-जुलना पड़ता है, यात्रा करनी होती है। चुनाव हारने के बाद भी उसे लोगों से संपर्क में रहना पड़ता है। इसलिए पेंशन जीवन को सम्मानजनक तरीके से आगे बढ़ाने के लिए भत्ते का रूप हो सकती है। 

हालांकि पीठ ने अटॉर्नी जनरल को यह सूचना देने के लिए कहा है कि क्या पेंशन और भत्तों को सांसदों को देने के लिए कोई तंत्र बनाया जा रहा है क्योंकि पिछले 12 सालों से यह मुद्दा लंबित है। 

RELATED

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

India News

यूट्यूब के जरिए 40 साल बाद देश लौटे खोमद्राम, जानें पूरी कहानी...

अक्सर ऐसे मामले सामने आते हैं, जब किसी गुमशुदा की तलाश में प्रशासन या पुलिस की भागीदारी अहम होती है।

20 अप्रैल 2018

Related Videos

जानिए, क्या है नरोडा पाटिया मामला

गुजरात हाइकोर्ट 2002 में नरोदा पाटिया दंगा मामले में फैसला आने की उम्मीद है। साल 2012 में एसआईटी मामलों की अदालत ने बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री माया कोडनानी और बाबू बजरंगी समेत 32 लोगों को सजा सुनाई थी। 

20 अप्रैल 2018

आज का मुद्दा
View more polls

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen