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पहाड़ों पर विध्वंस के बाद अब उत्तर भारत में बढ़ा बाढ़ का खतरा, दिखने लगा तबाही का मंजर 

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 20 Aug 2019 06:33 AM IST
flood, rain, cloud burst
flood, rain, cloud burst - फोटो : अमर उजाला
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खास बातें

  • हिमाचल प्रदेश में मरने वालों की तादाद 25 हुई 
  • उत्तरकाशी में 11 शव मिले, सात अभी भी लापता
  • पंजाब-हरियाणा सतर्क, वायुसेना ने नौ को बचाया
  • कुछ गांवों में दो दिन बाद भी नहीं पहुंच सकीं बचाव टीमें
देश के विभिन्न राज्यों में भारी बारिश के बाद बाढ़ के हालात बने हुए हैं। उत्तर भारत के राज्यों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ने लगा है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में पिछले सप्ताहांत मूसलाधार बारिश से मची तबाही में 36 लोग मारे गए हैं और सैंकड़ों फंसे हुए हैं। उत्तर भारत के अन्य राज्य हरियाणा, पंजाब, जम्मू और दिल्ली में भी अब बाढ़ के हालात बन गए हैं।
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सोमवार को हिमाचल में मरने वालों की संख्या बढ़कर 25 हो गई तो उत्तरकाशी में बादल फटने से बहे लोगों में से 11 के शव ही बरामद हो पाए। यहां सात लोग अब भी लापता हैं। इन दोनों राज्यों में लोगों की दुश्वारियां कम नहीं होने का नाम नहीं ले रही हैं। हिमाचल में चार नेशनल हाईवे समेत 1088 सड़कों पर यातायात ठप रहा और 500 से ज्यादा लोग फंसे रहे।

लाहौल-स्पीति के नीलकंठ में दो फीट ताजा बर्फबारी हुई और बारिश के चलते हवाई उड़ानें भी बाधित रहीं। प्रदेश में अतिवृष्टि से अब तक करीब 574 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मौसम विज्ञान राज्यभर में 25 अगस्त तक मौसम खराब रहने की आशंका जताई है।

उधर, उत्तरकाशी में रविवार को खराब मौसम के कारण बाधित रहा बचाव कार्य सोमवार को शुरू हुआ लेकिन प्रशासन अभी सभी गांवों तक नहीं पहुंच सका है। तीन हेलीकॉप्टरों से लोगों तक भोजन पैकेट और दवाइयों समेत राहत सामग्री पहुंचाई गई। एसडीआरएफ के आईजी संजय गुंजयाल ने बताया, बाढ़ प्रभावित आधा दर्जन गावों में लोगों से संपर्क साध लिया गया है। छह और गांवों तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं। 

दो दिन बाद भी नहीं पहुंच सकीं बचाव टीमें

हिमाचल की सीमा से सटे उत्तरकाशी के आराकोट क्षेत्र में आपदा प्रभावित गांवों तक बचाव कार्य और राहत पहुंचाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। सड़क मार्ग अवरुद्ध होने के कारण एसडीआरएफ और आईटीबीपी की टीमों को सर्वाधिक प्रभावित माकुड़ी और टिकोची गांव में हेलीकॉप्टर से उतारा गया। मौंडा एवं बलावट में हेलीकॉप्टर नहीं उतर पाया। सोमवार देर शाम तक डगोली, किराणू, दुचाणू, चिवां, मौंडा, बलावट, खक्वाड़ी आदि गांवों तक बचाव टीमें नहीं पहुंच सकीं।

गंगा खतरे के निशान के पार

उत्तराखंड में ज्यादातर जगहों पर हो रही भारी बारिश के चलते छोटी-बड़ी नदियां उफान पर हैं। सोमवार को हरिद्वार में गंगा खतरे के निशान को पार कर 294.45 मीटर के जलस्तर पर बहने लगी। ऋषिकेश में यह खतरे के निशान से महज कुछ सेमी. नीचे है। गंगा के उफान से हरिद्वार जिले के कल्सिया, शेरपुर बेला, डुमनपुरी, हिम्मतवाला आदि दर्जनों गांवों में धान और गन्न की 30 हजार बीघा फसल को नुकसान पहुंचा है। इस क्षेत्र के 30 गांवों के ग्रामीणों को सतर्क कर दिया गया है।
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पंजाब-हरियाणा में वायुसेना ने नौ को निकाला

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