विज्ञापन

ठंड नहीं, गर्मी में सबसे ज्यादा मरते हैं गरीब, पिछले साल 3,623 बेघरों की हुई मौत!

अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 14 Jan 2020 07:58 PM IST
अलाव जलाकर तापते लोग।
अलाव जलाकर तापते लोग। - फोटो : अमर उजाला।
ख़बर सुनें

सार

  • जनवरी के दस दिनों में ही दिल्ली में हुई 90 बेघरों की मौत
  • पिछले दस सालों में 36 हजार से ज्यादा बेघरों की मौसम की प्रतिकूलता के कारण हुई मौत

विस्तार

सामान्य तौर पर यह समझा जाता है कि ठंड की सबसे ज्यादा मार बेघर गरीबों पर पड़ती है और ठंड के चलते ही गरीबों की सबसे ज्यादा मौत भी होती है। लेकिन एक रिपोर्ट में यह हैरान करने वाली सच्चाई सामने आई है कि गरीबों की मौत ठंड से ज्यादा गर्मी के मौसम में होती है।
विज्ञापन
रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक पिछले दस सालों में जून के महीनों में सबसे ज्यादा 4069 बेघर गरीब लोगों की मौत हुई है। इसके पहले यानी मई के महीने में 3069 लोगों की, तो जुलाई के महीने में 3342 लोगों की मौत हुई है। इनकी तुलना में ठंड के महीनों में हुई मौतों का आंकड़ा काफी कम है।  

ठंड के लिहाज से दिसंबर, जनवरी और फरवरी महीनों को सबसे ज्यादा संवेदनशील समझा जाता है। लेकिन आंकड़े बताते हैं कि ठंड के महीनों में अपेक्षाकृत कम मौतें हुई हैं। सेंटर फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले दस सालों में दिसंबर महीने में कुल 2866 बेघर गरीब लोगों की मौत हुई है।

इसके अलावा जनवरी महीने में 2881 और फरवरी के महीने में 2355 लोगों की ही मौत हुई है। इस वर्ष जनवरी महीने के शुरु के 10 दिनों में भी 90 बेघरों की मौत हुई है। इन आंकड़ों से समझा जा सकता है कि गरीबों के आवास की सुविधा ठंड में ही नहीं, बल्कि गर्मी में भी होनी चाहिए।

पर्याप्त नहीं शेल्टर होम्स

दिल्ली सरकार ने राजधानी में बेघरों को रहने के लिए कई शेल्टर होम्स बनाए हैं, लेकिन इसके बाद भी इनकी जरूरत बनी हुई है। अगर साल के हिसाब से बात करें, तो वर्ष 2015 में 3222 बेघरों की मौत हुई थी। इसी प्रकार वर्ष 2016 में 3398, वर्ष 2017 में 2979, वर्ष 2018 में 3289 और वर्ष 2019 में 3623 बेघरों की मौत हो गई।

वर्ष 2019 में पिछले दस सालों में सबसे ज्यादा बेघरों की मौत हुई है। साल 2009 से 2019 के बीच 36,037 बेघरों को मौसम की प्रतिकूलता से अपनी जान गंवानी पड़ी है।

राजनीति भी तेज

दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने इन मौतों के आंकड़े पर कहा कि दिल्ली सरकार बेघरों को आवास देने में असफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा दुर्भाग्य की बात है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पूरे देश में करोड़ों आवास बनाए गए हैं, लेकिन दिल्ली सरकार ने राजनीतिक सोच की वजह से इस योजना को लागू नहीं किया है, जिसकी वजह से लोगों को आवास उपलब्ध नहीं हो पाया है।
विज्ञापन

Recommended

त्योहारों के मौसम में ऐसे बढ़ाएं रिश्तों में मिठास
Dholpur Fresh (Advertorial)

त्योहारों के मौसम में ऐसे बढ़ाएं रिश्तों में मिठास

मौनी अमावस्या पर गया में कराएं तर्पण, हर तरह के ऋण से मिलेगी मुक्ति : 24 जनवरी 2020
Astrology Services

मौनी अमावस्या पर गया में कराएं तर्पण, हर तरह के ऋण से मिलेगी मुक्ति : 24 जनवरी 2020

विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

India News

दिल्ली चुनाव: भाजपा की 57 उम्मीदवारों की लिस्ट में क्या-क्या है खास 

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी ने 57 उम्मीदवारों के नामों का एलान किया।

17 जनवरी 2020

विज्ञापन

निर्भया की मां आशा देवी ने कहा- ‘चुनाव लड़ने की ख़बरें गलत’

निर्भया की मां आशा देवी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ने की खबरों को गलत बताया। उन्होंने कहा की मेरा राजनीति से कोई नाता नहीं है।

17 जनवरी 2020

Related

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election
  • Downloads

Follow Us