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Hindi News ›   India News ›   26/11Mumbai attacks exposed weakness in decision-making of UPA government, says Ex-Cabinet secretary

26/11 Attack: हमले से हैरान थी यूपीए सरकार, फैसले लेने में भी दिखी कमजोर... पूर्व कैबिनेट सचिव ने किया खुलासा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Fri, 02 Dec 2022 01:37 PM IST
सार

केएम चंद्रशेखर को 2007 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सरकार में कैबिनेट सचिव बनाया गया था। वह 2011 तक इस पद पर रहे। उन्होंने अपनी किताब 'As good as my word' में कई खुलासे किए हैं। 

मुंबई हमला
मुंबई हमला - फोटो : pti

विस्तार

मनमोहन सरकार में कैबिनेट सचिव रह चुके केएम चंद्रशेखर ने 26/11 मुंबई हमले को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा है कि हमले के समय केंद्र सरकार को पता ही नहीं था कि केंद्रीय स्तर पर क्या कदम उठाने हैं। इससे केंद्र सरकार में निर्णय लेने की क्षमता की कमी उजागर हुई थी। उन्होंने कहा है कि हमले के बाद कोई वास्तविक स्पष्टता नहीं थी कि केंद्रीय स्तर पर कौन क्या करेगा।



पूर्व कैबिनेट सचिव केएम चंद्रशेखर ने अपनी किताब 'As good as my word' में यूपीए सरकार में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार(NSA) की स्थिति के बारे में भी कई खुलासे किए हैं। उन्होंने कहा है कि मुंबई हमले के बाद भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। 


सुरक्षा मुद्दों के प्रबंधन में था भ्रम
पूर्व कैबिनेट सचिव चंद्रशेखर ने अपनी किताब में लिखा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का पद सरकार का सही निर्णय था। हालांकि, उन्हें सुरक्षा संबंधी मामलों में स्वतंत्र न रखा जाना भ्रम की स्थिति को पैदा करता था। चंद्रशेखर ने कहा, सरकार ने NSA और कैबिनेट सचिव के बीच जिम्मेदारियों और शक्तियों का बंटवारा कर दिया। इससे यह भ्रम उत्पन्न हो गया कि सुरक्षा संबंधित मामलों में एनएसए और कैबिनेट सचिव की भूमिका और अधिकार क्या हैं। उन्होंने कहा, 26/11 के हमलों ने एक गंभीर आपात स्थिति में निर्णय लेने में क्षमता पर कमजोरी को भी उजागर किया।

कैबिनेट सचिव नहीं पता होती जमीनी हकीकत 
पूर्व कैबिनेट सचिव ने कहा, आम तौर पर खुफिया एजेंसियां किसी इलाके से मिली जानकारियों को गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय या सशस्त्र बलों के साथ साझा करती हैं। वह कैबिनेट सचिव को इसकी जानकारी नहीं देती हैं। ऐसे में कैबिनेट सचिव को उस क्षेत्र की जमीनी हकीकत के बारे में कोई जानकारी नहीं होती है। ऐसे में पर्याप्त जानकारी के बिना कैबिनेट सचिव कोई कार्रवाई नहीं कर सकता। चाहे वह आतंकवादी हमला हो उग्रवादी हमला। 
 
26/11 हमले के समय क्या हुआ?
केएम चंद्रशेखर ने अपनी किताब में लिखा जब मुंबई में आतंकवादी हमला हुआ तो तो केंद्रीय स्तर पर कौन क्या करेगा, इस बारे में कोई स्पष्टता ही नहीं थी। कानून और व्यवस्था भारतीय संविधान के तहत एक राज्य का विषय है और केंद्रीय हस्तक्षेप केवल संबंधित राज्य सरकार के अनुरोध पर ही हो सकता है। ऐसे में इस अधिनियम से भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। उन्होंने लिखा, मैं इस संकट से तत्काल खत्म करना चाहता था, लेकिन मेरे पास न तो कोई खुफिया जानकारी थी और न ही जमीनी हकीकत का पता था कि कि देर रात तक मुंबई में वास्तव में क्या हो रहा था। 

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