गुरुवार से जंतर-मंतर पर सजेगी किसानों की 'संसद', पुलिस की निगरानी में रोज बसों से दिल्ली आएंगे 200 किसान

डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 21 Jul 2021 07:37 PM IST

सार

किसान नेता हन्ना मौला ने अमर उजाला से चर्चा करते हुए कहा कि कल से 13 अगस्त तक रोज किसान जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए पहुंचेंगे। सुबह आठ बजे किसान सिंघु बॉर्डर से निकलेंगे और यहां 11 बजे तक पहुंचेंगे। किसान संगठनों द्वारा शाम साढ़े पांच तक प्रदर्शन किया जाएगा...
गाजीपुर बॉर्डर पर राकेश टिकैत
गाजीपुर बॉर्डर पर राकेश टिकैत - फोटो : Amar Ujala (File)
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों की संसद गुरुवार से जंतर मंतर पर सजने जा रही है। दिल्ली की सीमाओं से अलग-अलग जत्थों में किसान रोज सुबह 11 बजे धरना स्थल पहुंचेंगे। वे यहां शाम 5.30 तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे। हालांकि इस प्रदर्शन में केवल 200 किसान ही शामिल होंगे। धरनास्थल पर उन्हें ही अनुमति होगी जो अपने साथ परिचय पत्र लेकर आएगा।
विज्ञापन


सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने किसान संगठनों को कोरोना प्रोटोकाल के साथ जंतर-मंतर पर चर्च साइड पर धरना-प्रदर्शन की मंजूरी दे दी है। दिल्ली की सीमाओं से सभी किसान अलग-अलग बसों में पुलिस की निगरानी में सुबह 11 बजे धरना स्थल पहुंचेंगे। किसानों को नए कृषि कानूनों के खिलाफ धरना शाम साढ़े पांच बजे तक चलेगा। जंतर-मंतर पर किसानों की सुरक्षा के मद्देनजर पांच पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बलों की पांच कंपनियां तैनात रहेंगी।


किसान नेता हन्ना मौला ने अमर उजाला से चर्चा करते हुए कहा कि कल से 13 अगस्त तक रोज किसान जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए पहुंचेंगे। सुबह आठ बजे किसान सिंघु बॉर्डर से निकलेंगे और यहां 11 बजे तक पहुंचेंगे। किसान संगठनों द्वारा शाम साढ़े पांच तक प्रदर्शन किया जाएगा। गुरुवार को पहले दिन कई बड़े किसान नेता इसमें शामिल होंगे। रोज अलग-अलग किसान धरना स्थल पर आएंगे। सभी को अपने साथ परिचय पत्र और आधार कार्ड लाना अनिवार्य होगा।




 

किसान भी देखेंगे अपनी सुरक्षा

जानकारी के अनुसार किसान संगठनों ने तय किया है कि वे किसानों की सुरक्षा खुद करेंगे। वे इस बात का विशेष ध्यान रखेंगे कि उनके इस धरना प्रदर्शन में काई शरारती तत्व शामिल नहीं हो। कुछ दिन पहले ही किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा था कि आंदोलन पूरी दुनिया में होते हैं। दिल्ली पुलिस इजाजत देगी तो हम नियमों के आधार पर आंदोलन करेंगे। हम शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे। कुछ लोग नहीं चाहते कि यह आंदोलन जारी रहे। कृषि कानून संसद भवन में ही बना है तो हम रामलीला मैदान या कहीं और जाकर विरोध क्यों प्रदर्शन क्यों करें। मानसून सत्र चल रहा है, नेता नहीं चाहते कि हम वहां आकर विरोध-प्रदर्शन करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00