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कराएं दिवाली की रात लक्ष्मी कुबेर यज्ञ, होगी अपार धन, समृद्धि  व्  सर्वांगीण कल्याण  की प्राप्ति : 27-अक्टूबर-2019
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हिमाचल प्रदेश

रविवार, 20 अक्टूबर 2019

पहले मंदिर में माथा टेका फिर दानपात्र तोड़ उड़ा ली नकदी

बनीखेत के प्राचीन नाग मंदिर में शनिवार देर रात दानपात्र का ताला तोड़कर नकदी उड़ा ली गई। शातिर ने पहले मंदिर में तीन-चार बार माथा टेका और दानपात्र को घसीटकर बाहर ले आया। इसके बाद ताला तोड़कर फरार हो गया। पूरी घटना मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सीसीटीवी की फुटेज में चोरी करने वाले आरोपी का चेहरा साफ दिखाई दे रहा है।

पुलिस उसे पकड़ने के लिए जुट गई है। जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होगा। जानकारी के अनुसार आरोपी ने शनिवार देर रात को मंदिर के अंदर जाकर दानपात्र को घसीटकर मंदिर के प्रांगण पर पहुंचाया। यहां पत्थर से दानपात्र पर लगे ताले को तोड़कर उसके अंदर रखी नकदी को चुराया। पैसे चोरी करने के बाद वह रफ्फूचक्कर हो गया। यह पूरी घटना मंदिर के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।

जब रविवार को मंदिर में सुबह के समय पुजारी करतार शर्मा पूजा करने के लिए पहुंचे तो उन्होंने टूटे हुए दानपात्र को देखा। इसकी सूचना उन्होंने तुरंत पुलिस को दी। पुलिस ने मंदिर में जाकर घटना का जायजा लिया। साथ ही सीसीटीवी की फुटेज को खंगाला।

फुटेज में चोरी करने वाले व्यक्ति की पहचान की गई, जिसे पकड़ने के लिए पुलिस पूरी तरह से जुट गई है। एसएचओ आशीष पठानिया ने बताया कि आरोपी की पहचान हो चुकी है। उसके घर पर पुलिस ने दबिश दी। जहां पर पता चला कि वह मानसिक रूप से परेशान है। फिलहाल, पुलिस विभिन्न स्थानों पर आरोपी की तलाश कर रही है।
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वकीलों की मृत्यु या गंभीर रोगों पर वित्तीय मदद बढ़ी, बिल को मंजूरी

हिमाचल प्रदेश में वकीलों की मृत्यु होने या गंभीर रोगों से ग्रस्त होने की सूरत में वित्तीय मदद बढ़ा दी गई है। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने हिमाचल प्रदेश अधिवक्ता कल्याण निधि (संशोधन) विधेयक को मंजूरी दे दी है। इसी के साथ हिमाचल सरकार के विधि विभाग ने भी इस विधेयक को अधिसूचित कर दिया गया है। 

इस बिल के अधिनियम बन जाने के बाद अब अधिवक्ताओं की कल्याण निधि में बढ़ोतरी करने के लिए हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र में ही संशोधन कर दिया गया था। इसे मंजूरी को राज्यपाल को भेजा गया था।

इस विधेयक में निधि में बढ़ोतरी की गई है। इसमें प्रदेश में काम कर रहे वकीलों की मृत्यु पर वित्तीय मदद 1.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.25 लाख रुपये तक करने के अलावा गंभीर बीमारियों से पीड़ित वकील को 25 हजार की जगह एक से दो लाख रुपये तक देने जैसे प्रावधान किए गए हैं।

इसके लिए वकीलों को सालाना पंजीकरण करना होगा। इसके लिए प्रीमियम या सबस्क्रिप्शन की तरह निर्धारित पैसे निधि में जमा करवाने होंगे। यह राशि अलग-अलग श्रेणियों के अधिवक्ताओं के लिए 400 और 800 रुपये सालाना होगी।
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राजधानी में अचानक दर्जनों बंदरों की मौत से हड़कंप, कालोनियों-छतों पर पड़े शव

राजधानी के कई इलाकों में अचानक भारी संख्या में बंदर मरने से हड़कंप मच गया है। शहर के बैनमोर, जाखू, संजौली और छोटा शिमला आदि इलाकों में दर्जनों बंदरों की मौत हो चुकी है। कई बंदर जंगल में मरे पड़े हैं तो कई रिहायशी इलाकों में घरों की छतों और कालोनियों के बीच मरे मिले हैं। अचानक इतने सारे बंदर कैसे मर गए, किसी को इसकी जानकारी नहीं है।

ज्यादातर बड़े बंदरों को जहर देकर मारा जा रहा है। बैनमोर से भाजपा पार्षद किमी सूद ने इस मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन सेवा पर कर दी है। पार्षद का कहना है कि जहर देकर इतने सारे बंदरों को मारना सही नहीं। इनके वार्ड में दो महीने के भीतर 100 से ज्यादा बंदर मर चुके हैं। इसे रोका जाना चाहिए। कहा कि बंदरों को जहर देकर मारना सही नहीं है।

इन्हें दूसरी जगह शिफ्ट करने या बसाने का विकल्प देखना चाहिए। कहा कि आए दिन रिहायशी इलाकों में बंदर तड़पकर मर रहे हैं। नगर निगम के माध्यम से इन्हें उठवाया जा रहा है ताकि बीमारियां न फैलें। जाखू पार्षद अर्चना धवन ने कहा कि उनके वार्ड में भी कई बंदर मरे मिले हैं लेकिन बंदरों की संख्या में कोई कमी नहीं आ रही।
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रोहतांग समेत लाहौल-किन्नौर की चोटियों पर हिमपात, केलांग का पारा माइनस में पहुंचा

मिठाइयों का सैंपल भरने गई टीम को नेता के नाम पर धमकाया, कहा-बंद करो कार्रवाई

मिठाइयों का सैंपल लेने गई टीम को नेता के नाम पर लेकर धमकाया गया। टीम की यह कार्रवाई नेता के इन चम्मचों को रास नहीं आ रही है। टीम को धमकाते हुए कहा कि सैंपल भरने की क्या जरूरत है। सैंपल मत भरो, बस बहुत हो गई कार्रवाई अब बंद करो। त्योहारी सीजन में शहर में मिलावटी और गंदी मिठाई न बिके, इसके लिए खाद्य सुरक्षा और विनियमन टीम ईमानदारी से औचक निरीक्षण कर रही है और खराब मिठाइयों को नष्ट भी कर रही है लेकिन टीम की यह कार्रवाई नेता के चम्मचों को रास नहीं आ रही।

शनिवार को निरीक्षण कर रही टीम के पास जा धमके और तुरंत कार्रवाई रोकने की धौंस दिखाई। टीम ने कहा कि जो कारोबारी मिठाई बेचने के नाम पर आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं उनके खिलाफ ही नियम के मुताबिक कार्रवाई कर रहे हैं। शासन के गलियारों तक ऊपरी पहुंच का हवाला देते हुए कार्रवाई बंद करने पर ये लोग अड़े रहे। जब टीम नहीं मानी तो वही हुआ जो इस शहर का नया दस्तूर बन गया है। ऊपर से फोन आने लगे। अब इन लोगों के लिए आम जनता के स्वास्थ्य से कुछ लेना देना नहीं बस कारोबारियों का वोट बैंक कहीं इस कार्रवाई से खिसक न जाए लिहाजा टीम को ही हतोत्साहित करने में लग गए।
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एलाइड की मेन परीक्षा में बैठा दिए 11 अतिरिक्त अभ्यर्थी

हिमाचल प्रदेश लोकसेवा आयोग की एलाइड-2018 के परिणाम पर परीक्षार्थियों ने फिर से सवाल खड़े किए हैं। एलाइड की मेन परीक्षा में 11 अतिरिक्त अभ्यर्थियों को बैठाया गया। इनमें कई अभ्यर्थियों ने साक्षात्कार भी दिया है। इससे एलाइड के 26 सितंबर को घोषित परिणाम पर सवाल उठने लगे हैं।

परीक्षा में बैठे अभ्यर्थियों के अनुसार एलाइड-2018 के माध्यम से 13 पद भरे जाने थे। लोक सेवा आयोग के नियमों के अनुसार प्री-परीक्षा से मेन के लिए 13 से 20 गुना ज्यादा अभ्यर्थियों का चयन होना था। ऐसे में मेन परीक्षा में 260 परीक्षार्थी बैठने थे, जबकि लोकसेवा आयोग ने एलाइड-2018 की मैन परीक्षा में 271 अभ्यर्थियों को बैठाया है।

हालांकि, 26 सितंबर को लोक सेवा आयोग ने परिणाम घोषित किया था, लेकिन उस समय मेन परीक्षा की अंकों के साथ सूची जारी नहीं की थी। अब लोक सेवा आयोग ने अंकों के साथ मेन परीक्षा की सूची जारी की है। 11 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जो लोक सेवा आयोग के नियमों के तहत अयोग्य होने के बावजूद मेन परीक्षा में बैठे हैं।

उधर, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की सचिव राखिल काहलों ने बताया कि परीक्षा में कई बार अभ्यर्थियों को अस्थाई तौर पर अयोग्य घोषित किया जाता है, लेकिन बाद में प्रमाण पत्र जमा करवाने के बाद उन्हें योग्य माना जाता है।

ऐसे की दो बार गलती
लोक सेवा आयोग ने प्री-परीक्षा का परिणाम दो बार घोषित किया था। पहले परिणाम में अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों को अयोग्य घोषित किया था, लेकिन बाद में राज्य लोक सेवा आयोग ने 11 अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों को पास घोषित किया था, लेकिन इसके बाद सूची से 11 अभ्यर्थियों को बाहर ही नहीं किया गया।
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यहां पुरस्कार की रकम से खरीद लिए मैट, आडिट रिपोर्ट से हुआ खुलासा

सांकेतिक तस्वीर
सोलन में जिलाधीश कार्यालय में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां पुरस्कार के लिए जमा लघु बचत पुरस्कार राशि से मैट ही खरीद दिए गए। लघु बचत पुरस्कार निधि का पैसा रेसलिंग मैट पर खर्च कर दिया गया।

जिलाधीश कार्यालय सोलन में यह लाखों रुपये की अनियमितता का मामला सामने आया है। इसका खुलासा स्थानीय लेखा विभाग की ऑडिट रिपोर्ट में हुआ है। स्थानीय लेखा विभाग ने यह मामला राज्य लघु बचत निदेशालय के ध्यान में लाया है। 

हाल ही में हुए एक ऑडिट में यह खुलासा हुआ है कि आठ सितंबर, 2016 को लघु बचत निधि से स्वीकृत आदेश संख्या 7-6/2015 के अनुसार 4 लाख 75 हजार रुपये के रेसलिंग मैट खरीदे गए।

यह भुगतान चेक संख्या - 362326 से किया गया। ये चेक जिलाधीश की ओर से काटा गया, मगर इसका बिल जिला खेल अधिकारी की ओर से दिया गया। इस बारे में निदेशक लघु बचत विभाग से आवश्यक मंजूरी नहीं ली गई। इस बारे में आवश्यक स्पष्टीकरण हासिल करने को कहा गया है। 
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शिक्षकों के हजारों पद न भरने पर कोर्ट की हिमाचल सरकार पर तल्ख टिप्पणी

हिमाचल हाईकोर्ट ने भरी अदालत में टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या राज्य सरकार शिक्षकों से जुड़े भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन करने के लिए संविधान में संशोधन करने जितना जटिल कार्य कर रही है?

प्रदेश भर के स्कूलों में शिक्षकों के हजारों पद न भरने के मामले में हाईकोर्ट ने सरकार की कार्यप्रणाली पर तलख टिप्पणी की है। मामले पर सुनवाई 25 नवंबर को निर्धारित की गई है।

हाईकोर्ट ने गत 26 जून को सरकार को आदेश दिए थे कि शिक्षकों से जुड़े आरएंडपी नियमों में आठ सप्ताह में संशोधन करे। इसके बाद संशोधित नियमों के अनुसार शिक्षक भर्ती की जाए। नियमों में संशोधन करने के लिए सरकार ने इस बार फिर से तीन महीने की मांग की थी।

इस पर मुख्य न्यायाधीश लिंगप्पा नारायण स्वामी और न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी की खंडपीठ ने राज्य सरकार को आदेश दिए कि वह स्कूलों में खाली पड़े पदों को इसी शैक्षणिक सत्र में भरे।
 
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अनुराधा लगातार तीसरी बार निभाएंगी पीठासीन अधिकारी की भूमिका

चुनाव आयोग भी महिला सशक्तीकरण की दिशा में कई प्रयास कर रहा है। कई मतदान केंद्रों में महिलाओं को पीठासीन अधिकारी का जिम्मा सौंपा जा रहा है, जबकि कई मतदान केंद्रों में पूरी टीम में महिला कर्मियों से मतदान प्रक्रिया पूरी करवाई जा रही है। धर्मशाला उपचुनाव में भी चुनाव आयोग ने मतदान केंद्र नंबर-नौ और दस महिला कर्मचारियों के हवाले किया है जिसमें बूथ नंबर-नौ में बाल स्कूल धर्मशाला में तैनात प्रवक्ता अनुराधा रामोत्रा को पीठासीन अधिकारी का जिम्मा सौंपा गया है।

दस नंबर बूथ में केंद्रीय विश्वविद्यालय में जन संचार विषय की सहायक आचार्य मोनिका पीठासीन अधिकारी की भूमिका निभाएंगी। अनुराधा रामोत्रा लगातार तीसरी बार पीठासीन अधिकारी की भूमिका निभा रही हैं, जो हिमाचल में अपने आप में रिकॉर्ड है। अनुराधा ने वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव और वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भी पीठासीन अधिकारी का जिम्मा संभाला था।

वहीं, केंद्रीय विवि की मोनिका पहली बार पीठासीन अधिकारी की भूमिका निभा रही हैं। इसके अलावा टंग नरवाना स्कूल में तैनात टीजीटी मेडिकल मंजू बाला भी दूसरी बार सहायक पीठासीन अधिकारी का जिम्मा देख रही हैं। दोनों मतदान केंद्रों की टीमों ने कार्यभार संभाल लिया है। नौ नंबर मतदान केंद्र धर्मशाला में अनुराधा व मंजू बाला के अलावा चंपा देवी, स्नेह लता और बूथ नंबर-दस में सहायक पीठासीन अधिकारी अंजना कुमारी, सीमा व शबनम तैनात हैं। 

मतदाताओं के लिए बिछाई रेड कारपेट
कन्या स्कूल धर्मशाला में उपचुनाव के लिए दो मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। मतदाताओं के लिए मुख्य गेट से लेकर मतदान केंद्र के कमरे तक रेड कारपेट बिछाई गई है। इसके अलावा परिसर में धूप से बचने के लिए टेंट व कुर्सियों का प्रावधान किया गया है। 

1845 मतदाता डालेंगे वोट
बूथ नंबर नौ और दस में कुल 1845 मतदाता हैं। जिसमें नौ नंबर बूथ में 1084 और दस नंबर बूथ में 761 मतदाता है।
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शिमला में 230 अभ्यर्थियों ने दी अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा

अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से संचालित अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा-2019 के दूसरे चरण की परीक्षा रविवार को शिमला समेत 18 शहरों के 21 परीक्षा केंद्रों पर हुई। राजधानी शिमला के पोर्टमोर सीनियर सेकेंडरी स्कूल (छात्रा) में परीक्षा हुई। इसमें शिमला जिला सहित, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन, सिरमौर, कांगड़ा के धर्मशाला, किन्नौर सहित आसपास के जिलों से आए 230 छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ परीक्षा दी।

नौवीं और दसवीं कक्षा में 117 व 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं के लिए हुई परीक्षा में 113 विद्यार्थियों ने भाग लिया। परीक्षा के लिए सुबह दस बजे ही दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के परीक्षार्थी अभिभावकों के साथ स्कूल परिसर में जुट गए थे। 12 बजे से लेकर डेढ़ बजे तक 90 मिनट की इस परीक्षा में कक्षा के आधार पर प्रश्न पत्र सेट किए गए थे। परीक्षार्थियों से कुल सौ प्रश्न पूछे गए थे। इन्हें छात्र छात्राओं ने तय समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया।
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फलदार पौधों की रोपाई के लिए बगीचे तैयार करें किसान-बागवान

सर्दी के मौसम में किसान-बागवान विभिन्न फलदार पौधों की रोपाई का कार्य शुरू कर देते हैं। इसके लिए बागवानों को बारिश का इंतजार होता है। इस बार समय पर अच्छी बारिश हुई है। अब बागवान सेब, खुमानी, प्लम, नाशपाती और अखरोट की रोपाई के लिए गड्ढे बनाने का कार्य शुरू कर सकते हैं।

नए बगीचे लगाने से पूर्व और बगीचों की तुड़ाई के बाद मिट्टी के नमूने लेकर प्रयोगशाला में विश्लेषण के लिए भेजें। नौणी विवि के विशेषज्ञों ने किसानों-बागवानों को सलाह दी है कि वर्षा से खेतों में अच्छी नमी है, जिसमें वे अब अपने खेतों और बगीचों की तैयारी कर सकते हैं।

इसमें विभिन्न फलदार पौधों की रोपाई के लिए करीब तीन फुट गड्ढा खोदें और उसमें गोबर मिलाएं। बगीचे में गिरे फल-पत्तियों को एकत्रित कर गोबर के गड्डों में डालकर उन्हें नष्ट करें। इससेे दिसंबर और जनवरी से पौधों की रोपाई का कार्य भी शुरू हो जाएगा। इसके अलावा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब की तुड़ाई का काम जारी रखें। अखरोट, पीकन नट, किवी, मौसमी तथा माल्टा की तुड़ाई आरंभ कर दें। - नौणी विवि के विभागाध्यक्ष डा. सतीश भारद्वाज

पशुधन संबंधित कार्य
इस माह दिन-रात के तापमान में अंतर होने के कारण पशुओं में श्वास की बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती है। पशुपालकों को रात के समय में पशुओं नवजात बछड़ों को कम तापमान से बचाव की सलाह दी है। नवजात और युवा पशुओं को रात के समय सूखी बोरियों से ढककर रखें। पशुओं के लिए बिछाए जाने वाले घास या भूस के बिछोने को प्रतिदिन बदल दें, जिससे गौशाला का फर्श साफ तथा सूखा रहे। पहाड़ों के कुछ क्षेत्रों में इस समय शहद का प्रवाह होता है तथा उसके अनुसार ही मौनवंशों का प्रबंध करें। मौनवंशों में सफाई का ध्यान रखें तथा तलपटों की विशेषरूप से सफाई करें।

आपके सवालों के जवाब
सवाल : सर्दी के मौसम लगाए जाने वाले फलदार पौधों की रोपाई कैसे की जानी चाहिए और गड्ढों को कितना गहरा खोदना चाहिए।
- जगदीश चौहान निवासी ग्राम पंचायत जौणाजी गांव बजनाल
जवाब : सर्दी के मौसम में फलदार सहित अन्य पौधों की रोपाई का कार्य किया जाता है। उक्त पौधों की रोपाई के लिए अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। इसमें सेब, खुमानी, प्लम, नाशपती के पौधों की रोपाई के लिए करीब तीन फुट गहरा गड्ढा करना चाहिए। गड्ढे से निकली सबसे नीचे वाली मिट्टी की सतह को पौधा लगाने के बाद सबसे ऊपर वाली सतह में गोबर मिलाकर भरना चाहिए।

सवाल : सर्दियों के मौसम में कोहरा पड़ने के कारण नींबू, अमरूद और कटहल के पौधे जल जाते हैं। उक्त पौधों को कोहरे से कैसे बचाया जा सकता है।
- भूपेंद्र कंवर ग्राम पंचायत बडोग गांव सुल्लतानपुर जिला सोलन
जवाब : इस मौसम में नींबू, अमरूद, कटहल सहित अन्य पत्ते वाले सभी छोटे पौधों को कोहरे से नुकसान पहुंचता है। इसमें ऐसे क्षेत्र के किसान-बागवानों को उक्त पौधों को दिसंबर, जनवरी माह तक घास, बोरी से ढक कर रखना चाहिए। यदि पौधा बड़ा है और वह अच्छी ग्रोथ कर रहा है तो उसे ढकने की कोई आवश्यकता नहीं है।
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