छोटे व्यापारी कारोबार समेटने को मजबूर

Una Updated Sat, 08 Dec 2012 05:30 AM IST
होली (चंबा)। रसोई गैस की खुली बिक्री पर प्रतिबंध और सिलेंडरों पर से सब्सिडी समाप्त करने के बाद छोटे कारोबारी संकट में आ गए हैं। चाय पकौड़े का कारोबार करने वाले या छुटपुट काम करके परिवार का भरण पोषण करने वाले दुकानदार अपना कारोबार समेटने की कगार पर हैं। जो काम कर रहे हैं, उन्हें अपने उत्पाद के दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं। इसकी सीधी मार स्थानीय जनता पर भी पड़ रही है। इतना ही नहीं अब कई दुकानदार डीजल की भट्ठियां और अन्य तरह के जुगाड़ कर अपने कारोबार को जिंदा रखने का प्रयास कर रहे हैं।
गैस के इस खेल ने व्यापारी वर्ग को बुरी तरह से झकझोर कर रख दिया है। मौजूदा समय में सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत 445 रुपए और बिना सब्सिडी के 975 रुपए में सिलेंडर मिल रहा है। इसके अलावा कामर्शियल सिलेंडर के दाम 1758 रुपए हैं। ऐसे में सिलेंडर खरीदकर चाय बनाना या अन्य कारोबार करना घाटे का सौदा है। स्थानीय कारोबारी देसराज, नीक कुमार, चमन, नवीन, पवन, जोगिंद्र और महिंद्र का कहना है कि कामर्शियल सिलेंडर के सहारे कारोबार चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि अगर वे वस्तुओं की कीमतें बढ़ाते हैं तो उनके कारोबार पर असर पड़ेगा। उन्होंने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग तथा सरकार से मांग की है सिलेंडरों के दाम कम किए जाएं। इसके अलावा उन्होंने सिलेंडरों में सब्सिडी देने की सरकार से मांग की है।

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