छात्र संघ चुनाव बने नाक का सवाल

Una Updated Sun, 19 Aug 2012 12:00 PM IST
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ऊना। छात्र संघ चुनाव की जंग आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर इस बार रोचक होगी। इस चुनाव में सियासी दलों का दखल बढ़ गया है। अपने-अपने दल से जुड़े छात्र संगठनों को प्रोत्साहित करने की तिकड़मबाजी तेज हो गई है। इन चुनावों के नतीजों को आगामी विधानसभा चुनाव से भी जोड़कर देखा जाएगा। हिमाचल में नवंबर-दिसंबर में विस चुनाव होने हैं। इन्हीं के मद्देनजर ज्यादा से ज्यादा सियासी पार्टी से जुड़े छात्र संगठनों को जीत के लिए जोश भरा जा रहा है। कालेज स्तर पर होने वाले चुनाव में कई नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर है। इन नेताआें ने न केवल कालेज कैंपस के अंदर बल्कि एससीए चुनाव के प्रत्याशियों सहित छात्रों के घर-द्वार पर भी दस्तक देना आरंभ कर दिया है। अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे नेता छात्र संगठनों के साथ डोर-टू-डोर दस्तक देने में लगे हैं। वोट के लिए न केवल छात्रों, बल्कि उनके अभिभावकों को भी मॉटीवेट किया जाने लगा है। छात्र संघ चुनाव की घोषणा से पूर्व ही एक राजनीतिक संगठन ने अपने छात्र विंग को एससीए चुनाव में हर संभव समर्थन देने का ऐलान कर दिया था, जिसके चलते नेतागण छात्रों के साथ चुनाव प्रचार में डट गए हैं। इसी तर्ज पर एक अन्य छात्र संगठन के आका माने जाने वाले राजनीतिक दल ने भी चुनावी रण में संगठन की सहायता को कदम बढ़ा दिया है। इस चुनाव में राजनीतिक दलों के बढ़ते हस्तक्षेप के चलते चुनावी पैनल की घोषणा से लेकर प्रचार-प्रसार तक के माध्यमों को भी नेताओं ने ही संभाल रखा है। छात्र संगठनों के कार्यालयों में भी इन दिनों सियासी दलों और उनके यूथ विंग के नेताओं की आवाजाही बढ़ गई है। अपने-अपने क्षेत्र के कालेजों में जीत पक्की करने को लेकर कोई भी नेता कमी नहीं छोड़ना चाहता है।
एबीवीपी के मुद्दे
विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक विकास शर्मा का कहना है कि कालेज में रीजनल सेंटर खुलवाना, कंपार्टमेंट हासिल छात्रों को दाखिला दिलवाना, लाइब्रेरी को आनलाइन करवाना, साइंस लैब को हाईटेक करना, बीपीएल परिवारों के छात्रों को निशुल्क शिक्षा दिलवाना और आर्ट्स सहित अन्य ब्लाकों को अलग-अलग करना उनके मुद्दों में शामिल है। एबीवीपी अपने दम पर चुनाव लड़ती है। उन्हें संगठन से जुड़े पूर्व एवं वर्तमान कार्यकर्ताओं की सहायता मिलती है।

एनएसयूआई के मुद्दे
एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष करुण शर्मा का कहना है कि कालेज में रीजनल सेंटर खुलवाना, फिजिक्स, केमिस्ट्री और मेथ्स में एमएससी शुरू करवाना, आईआरडीपी छात्रों की फीस एडमिशन के समय माफ करवाना और बीएससी की कक्षाओं को हाईटेक करवाना मुख्य मुद्दों में शुमार है। एससीए चुनाव में कांग्रेसी नेताओं का पूरा आशीर्वाद रहता है। जबकि उन्हीं के दिशा निर्देशों में एससीए चुनाव की रूपरेखा तैयार की जाती है।

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