यातनाएं सही, कुर्बानी दी और आज भुला दिया

Una Updated Wed, 15 Aug 2012 12:00 PM IST
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मैहतपुर (ऊना)। आज जब पूरा मुल्क स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, ऐसे में उन आजादी के परवानों के परिजनों की क्या दशा होगी, जिन्हें याद तक नहीं किया जाता। जिला के गांव रायपुर सहोड़ां निवासी स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय जगदीश सहोड़ की धर्मपत्नी शांति देवी ने स्वतंत्रता दिवस की बधाई देने के साथ अपने मन में दबी बातों को भी अमर उजाला से साझा किया। उनका मानना है कि उनके पति ने देश की आजादी में जो योगदान दिया है, उसे आज की पीढ़ी ने तो पूरी तरह से भुला ही दिया है। साथ ही प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन भी याद नहीं रखना चाहते। यही कारण है कि उनकी याद में जिला में तो क्या उनके अपने पैतृक गांव में ऐसा कुछ नहीं बनाया गया, जिससे उन्हें आज की युवा पीढ़ी याद रख सके। पेशे से टीचर सेवानिवृत्त शांति की मानें तो जिला प्रशासन साल में एक दफा 15 अगस्त को कार्ड भेजना नहीं भूलता। इसके अलावा कुछ भी नहीं। यह भी कहा कि आज उन लोगों की याद में कुछ न कुछ मनाया जा रहा है, जिन्होंने कोई कुर्बानी नहीं दी। जो अंग्रेजों के साथ लड़े, जेलों में गए, देश को आजाद कराने में यातनाएं सही, कुर्बानियां दीं उन्हें धीरे-धीरे भुलाया जा रहा है। शांति देवी ने दुखी मन से कहा कि हर जगह राजनीति हावी है। ऐसे में देश भक्तों, स्वतंत्रता सेनानियों को जगह कहां।
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