उद्योग प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की

Una Updated Mon, 07 May 2012 12:00 PM IST
गगरेट (ऊना)। गगरेट औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित एक प्रतिष्ठित उद्योग की ओर से निकाले गए 78 कामगार पिछले एक माह से लगातार उद्योग प्रबंधन के विरुद्ध हड़ताल एवं धरने पर बैठे हैं, लेकिन बावजूद इसके न तो उद्योग प्रबंधन ने इन कामगारों की आवाज सुनी और न ही प्रशासन ने। वहीं कामगारों ने रविवार को उद्योग प्रबंधक के खिलाफ गुब्बार निकालते हुए जमकर नारेबाजी की। कामगारों ने उद्योग प्रबंधन और प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। कामगारों ने अपने आंदोलन को और उग्र करने की चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी बात नहीं सुनी गई तो निकट भविष्य में हड़ताल से होेने वाले नुकसान के लिए उद्योग प्रबंधन और प्रशासन उत्तरदायी होगा। कामगारों ने अब उपायुक्त केआर भारती से आमरण अनशन की इंजाजत लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उद्योग से निकाले गए कामगारों ने कहा कि सोमवार को वे आमरण अनशन की इजाजत लेने के लिए उपायुक्त केआर भारती को ज्ञापन सौंपेंगे। कामगारों में दलवीर सिंह, गुरनाम सिंह, प्रीतम चंद, पवन हीर, जुल्फी राम, अजीत कुमार, राम कुमार, योगराज, राकेश कुमार एवं राजेश कुमार ने बताया कि पिछले एक महीने से वह अपने हकों की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन सरकार मामले पर मूकदर्शक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि एक महीने से उद्योग से निकाले जाने के कारण उन्हें अपने परिवार का पालन पोषण करना भी दूभर हो गया है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते उद्योग प्रबंधन ने कामगारों को उद्योग में वापस नहीं लिया तो उन्हें आमरण अनशन में बैठना पड़ेगा।

Spotlight

Most Read

Lucknow

ताबड़तोड़ डकैतियों से हिली सरकार, प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को किया तलब

राजधानी में एक हफ्ते के अंदर हुई ताबड़तोड़ डकैती की वारदातों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है।

23 जनवरी 2018

Related Videos

सुषमा स्वराज जी सुनिए, ये रोता हुआ नौजवान आपसे कुछ कह रहा है

सऊदी अरब के दम्माम में फंसे युवक सुनील राणा ने वीडियो बनाकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मदद की गुहार लगाई है।

2 दिसंबर 2017

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper