सातवें सिलेंडर के फेर में उलझे उपभोक्ता

Solan Updated Sat, 29 Sep 2012 12:00 PM IST
सातवें सिलेंडर के फेर में उलझे उपभोक्ता
सोलन। घरेलू गैस के सातवें सिलेंडर के फेर में सोलन जिला के हजारों लाग उलझ गए हैं। वहीं नए कनेक्शन लेने की लाइन में लगे करीब सात हजार उपभोक्ताओं को खासा झटका लगा है। गैस कनेक्शनों का डाटा अपग्रेड होने तक गैस कंपनियों ने नए कनेक्शन पर रोक लगा दी है, जिससे उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। औद्योगिक क्षेत्र के कारण बीबीएन, परवाणू समेत सोलन में नए कनेक्शन लेने वालों की अच्छी खासी कतार है।


केस एक--- आंजी में रहने वाले सतवीर सिंह का हाल ही में नोएडा से स्थानांतरण हुआ है। इन्हें घरेलू रसोई गैस की सख्त जरूरत है। नए कनेक्शन के लिए आवेदन भी कर रखा है। अब रोक लग गई है। लिहाजा गैस का बंदोबस्त तो कहीं न कहीं से करना होगा।

केस दो- फेरी का काम करने वाले प्रीतम सिंह ने बाईपास के पास मकान किराए पर लिया है। एक साल से उन्होंने नए गैस के लिए आवेदन कर रहा है। शर्तें पूरी न होने के कारण गैस नहीं मिली। इनका कहना है कि और कोई चारा नहीं है। गैस का इंतजाम तो करना पड़ेगा।

केस तीन-- चंबाघाट में किराए के मकान में रह रहे रोहित का कहना है कि नए गैस के लिए आवेदन नहीं किया है। गैस का बंदोबस्त ऐसे ही हो जाता है। लेकिन अब गैस न मिलने की स्थिति लग रही है। लिहाजा नए कनेक्शन की बुकिंग जरूरी है, लेकिन अब बुकिंग नहीं हो सकती।

होस्टलों में मैस का खर्च बढ़ेगा
सोलन। जिला में 11 विश्वविद्यालय हैं। करीबन हर विवि में होस्टल की सुविधा है। नाम न बताने की शर्त में जानकारी दी गई कि यहां हर मैस में दो से तीन सिलेंडर लगते हैं। लिहाजा हर डाइट पर तकरीबन छह रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। वहीं विवि प्रबंधन भी इस तरफ इशारा कर रहे हैं।

मंदिरों शैक्षणिक संस्थानों का सिलेंडर 1027 में!
सोलन। अब सातवां सिलेंडर 827 रुपये का मिलेगा। एक्जम्पटेड श्रेणी मिड डे मील बनाने वाली संस्थाओं, अस्पताल, धार्मिक व शैक्षणिक संस्थाओं के सिलेंडर 1027 रुपये में मिलेंगे। ऐसे साफ्टवेयर तैयार करने की बात भी हो रही है जिसमें कस्टमर का नंबर डालकर यह पता लग जाएगा कि अगले सिलेंडर पर उसे सब्सिडी मिलनी है या नहीं।

चार श्रेणी के होंगे सिलेंडर के रेट
शहर में नई नीति के तहत इस तरह के संभावित रेट हो सकते हैं। सब्सिडी युक्त करीब 440 रुपये, नान सब्सिडी सिलेंडर करीब 852 रुपये, एक्जम्पटेड श्रेणी करीब 1056 रुपये, व्यवसायिक सिलेंडर करीब 1500 रुपये में।

40 फीसदी बिना कापी के
एक अनुमान के मुताबिक 30 से 40 फीसदी उपभोक्ताओं के पास गैस की कापी नहीं है। ऐसे में रसोई गैस न मिलने के आसार बन गए हैं। अगर कायदे सख्ती से लागू हुए तो 40 फीसदी उपभोक्ता गैस कहां से लाएंगे? यह सवाल खड़ा होने लगा है।

नहीं पहुंची है अधिसूचना
जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक यादवेंद्र पाल ने बताया कि अभी तक कोई अधिसूचना नहीं पहुंची है। नई व्यवस्था में थोड़ी बहुत परेशानी तो होती ही है। आईओसी के सहायक प्रबंधक रजत घरसंघी ने बताया कि नए कनेक्शन पर कितनी समय तक रोक लगी है, यह बताना संभव नहीं। वहीं एजेंसियों का दावा है कि गैस की सप्लाई नियमित है तथा पहले की ही तरह उपभोक्ताओं को आसानी से सिलेंडर दिए जा रहे हैं।

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