फंड वसूली का रिकार्ड नहीं

Solan Updated Thu, 19 Jul 2012 12:00 PM IST
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फंड वसूली का रिकार्ड नहीं
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सोलन। विद्यार्थियों से वसूले जाने वाले फंड के रिकार्ड को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उच्च शिक्षा विभाग के पास इसका पूरा लेखा जोखा नहीं है। स्कूलों की देय राशि पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसी के चलते अब 2000-2011 तक के रिकार्ड खंगालने के उच्च शिक्षा विभाग ने पत्र के माध्यम से स्कूल प्रबंधकों को निर्देश जारी किए हैं। पत्र मिलने के पंद्रह दिन के भीतर देय राशि को तुरंत जमाने करवाने को कहा गया है। साथ ही चेताया है कि अगर स्कूल प्रबंधक ऐसा नहीं करते हैं उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसमें अनुशासनात्मक कार्रवाई तक का प्रावधान है।
कौन-कौन से वसूले जाते हैं फंड
सोलन। विद्यार्थियों से वसूले जाने वाले फंड में स्पोर्ट्स, स्काउट एंड गाइड और बिल्डिंग फंड है। सभी मदों में कुछ हिस्सा स्कूल के पास रहता है और कुछ सरकारी कोष में। स्कूलों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के लिए स्कूल प्रबंधन अपना हिस्सा रखता है।
11 वर्ष के बाद के रिकार्ड खंगालना शुरू
सोलन । शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार ग्यारह वर्ष के बाद के रिकार्ड शिक्षा विभाग खंगालना शुरू कर रहा है। इसके लिए फारमेट तैयार किया गया है। जिसे स्कूल प्रबंधनों को भेज दिया गया है। फारमेट मिलने के साथ-साथ स्कूल प्रबंधक इसे भरकर वापस भेज रहे हैं।
144 स्कूलों में तीस हजार बच्चे
सोलन। जिला में 89 सीनियर सेकेंडरी और 55 हाई स्कूल हैं। यहां तीस हजार से अधिक बच्चे शिक्षा हासिल कर रहे हैं। इन बच्चों से तय समय पर यह फंड वसूले जाते हैं। लेकिन इन फंड को सरकारी कोष में जमा करवाने या रिकार्ड में संभालने में लापरवाही क्यों?
जल्द जमा करवाएं देय रकम
सहायक उच्च शिक्षा निदेशक बलदेव राज ने स्कूल प्रधानाचार्यों से फारमेट भरकर जल्द कार्यालय में भेजने की अपील की है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पत्राचार किया जा रहा है। यदि किसी स्कूल से देय राशि की भुगतान नहीं होता है तो नियमानुसार कार्रवाई होगी। इसमें अनुशासनात्मक कार्रवाई तक का प्रावधान है।
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