विज्ञापन

चायल में नहीं मनाया गया बाबा भलकू का मेला, पुष्पांजलि को तरसी प्रतिमा

Shimla	 Bureauशिमला ब्यूरो Updated Fri, 09 Nov 2018 10:01 PM IST
अमर उजाला
अमर उजाला - फोटो : amarujala
ख़बर सुनें
चायल (सोलन)। चायल में वर्ष 2003 से 6 से 7 नवंबर को मनाया जाने वाला दो दिवसीय बाबा भलकू मेला इस बार भी आयोजित नहीं किया गया। इससे जहां एक और क्षेत्र की जनता की भावनाएं आहत हुई हैं, वहीं दूसरी और 19वीं सदी के महान संत बाबा भलकू का अनादर किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बाबा भलकू चायल से सटी पंचायत झाजा के निवासी थे और उनकी याद मे वर्ष 2003 में दो दिवसीय मेला मनाए जाने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद कमेटी द्वारा कुछ वर्ष तो इस मेले को बड़ी धूमधाम से मनाया गया, लेकिन उसके बाद इस मेले को बंद कर दिया गया। इसके बाद लोगों की बार-बार मांग करने पर उपायुक्त सोलन ने भलकू कमेटी को तलब कर सहायता राशि प्रदान कर मेला मनाने की बात कही थी। लेकिन इसके बाद मेला तो दूर अब बाबा भलकू की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित भी नहीं किया गया। जबकि इससे पहले उनके नाम पर आयोजित होने वाले मेले के दिन उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए जाते थे। ज्ञात रहे बाबा भलकू वह शख्स थे, जिन्होंने 09 नवंबर 1903 को 115 साल पुराने अब विश्व धरोहर में शामिल कालका शिमला रेलवे मार्ग को बड़ोग से आगे शिमला तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। जब बड़ोग नामक स्थान पर सुरंग नंबर 33 जोकि 1143.61 मीटर लंबी है, जिसके दोनों छोर नहीं मिल पाए तो ब्रिटिश इंजीनियर कर्नल बड़ोग ने आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद इस सुरंग के दोनों छोर को मिलाना मुश्किल हो गया था। लेकिन इसके बाद बाबा भलकू ने सुरंग के दोनों छोर मिलाकर अंग्रेजों के साथ मिलकर शिमला तक रेलवे मार्ग बनाने में अपना महत्वपूर्ण सहयोग दिया था।
बाबा भलकू मेला कमेटी के अध्यक्ष बीआर मेहता ने बताया कि उनका स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण अब वह इस मेले को आयोजित नहीं कर सकते हैं। यह बात उन्होंने कमेटी उपाध्यक्ष रूप सिंह ठाकुर के समक्ष भी रखी थी। यदि लोग अपना सहयोग दें तो इस मेले को आगे भी मनाया जा सकता था। इस मेले को बंद करने का मुख्य कारण आर्थिक तंगी भी एक कारण रहा है। इसके बारे में उन्होंने जिला प्रशासन को भी बताया है। वहीं उपाध्यक्ष रूप सिंह ठाकुर ने बताया कि उनका भी स्वास्थ्य खराब चल रहा है, जिसके चलते इस बार बाबा भलकू की प्रतिमा पर फूल मालाएं भी अर्पित नहीं कर सके।

Recommended

कुंभ मेले में अतुल धन, वैभव, समृधि प्राप्ति हेतु विशेष पूजा करवायें और प्रसाद की होम डिलीवरी पायें
त्रिवेणी संगम पूजा

कुंभ मेले में अतुल धन, वैभव, समृधि प्राप्ति हेतु विशेष पूजा करवायें और प्रसाद की होम डिलीवरी पायें

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Solan

सोलन के मालरोड पर छह साल बाद बर्फबारी, चायल में फंसीं बसेें

सोलन के मालरोड पर छह साल बाद बर्फबारी, चायल में फंसीं बसेें

22 जनवरी 2019

विज्ञापन

इस लड़की की प्रतिभा देख नेहा कक्कड़ की आंखों में आ गए थे आंसू, अब हासिल किया ये मुकाम

साल 2014 में नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री बने। इसी साल उन्होंने गांधी जयंती के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की। इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए दिग्गज आगे आए, उन्हीं में से एक है सारेगामापा फेम पायल। पायल।

14 जनवरी 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree