दो दशक से शुगर मिल खोलने का मुद्दा ठंडे बस्ते में

Sirmour Updated Mon, 22 Oct 2012 12:00 PM IST
पांवटा साहिब (सिरमौर)। पिछले चार दशकों से गन्ना पांवटा वैली की प्रमुख नगदी फसल रही है, लेकिन विपणन में दिक्कतों के चलते कई किसानों का गन्ना उत्पादन से मोहभंग होता जा रहा है। दो दशक पहले से पांवटा में शुगर मिल खोलने की मांग उठती रही। दिवंगत कांग्रेस विधायक सरदार रतन सिंह ने इसके लिए प्रयास भी शुरू किए थे। इसके लिए बाहरी राज्यों से सर्वे को टीम भी पहुंची, लेकिन शुगर मिल खुलने की योजना सिरे नहीं चढ़ सकी।
हिमाचल किसान संघ के सचिव गुरविंद्र सिंह, सुरजीत सिंह, बलदेव व खुशाल सिंह ने कहा कि तीन दशक पूर्व पांवटा वैली में 5 से 6 लाख क्विंटल तक का रिकार्ड गन्ना उत्पादन होता था। उत्पादन अब केवल 25 फीसदी से कम हो गया है। इसकी सबसे बढ़ी वजह बेहतर विपणन व्यवस्था न होना है। क्षेत्र का ज्यादातर गन्ना उत्पादक उत्तराखंड की अंडर टेकिंग डोइयांवाला शुगर मिल में बेचते हैं। शुगर मिल में गन्ने की खरीद से पहले गुड़ की चर्खियों में गन्ना जाता है, लेकिन कई बार दाम उचित नहीं मिल पाते हैं। विषम परिस्थितियों के चलते किसानों का रुझान इस ओर कम होता गया। अब किसान गन्ने से ज्यादा गेहूं व धान पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। पांवटा के गन्ना उत्पादक क्षेत्र में किसान शुगर मिल की मांग करते रहे हैं। डेढ़ दशक पहले तत्कालीन विधायक स. रतन सिंह ने इसके लिए प्रयास भी शुरू किए थे। सर्वे भी हुआ, लेकिन उसके बाद मांग अधर में ही लटकी रही। केवल चुनाव के दौरान इस मांग पर चर्चा होती है।
पांवटा वैली शुंगर केन कोआपरेटिव सोसायटी के सचिव ज्ञान चंद ने कहा कि एक दशक पहले तक पांवटा से साढ़े तीन लाख क्विंटल गन्ना डोईयांवाला मिल को जाता था। जो वर्ष 2009-10 में सिमट कर 34 हजार क्विंटल रह गया। वर्ष 2010-11 में 56 हजार क्विंटल तथा 2011-12 में 86 हजार कुंतल गन्ना शुगर मिल को उत्तराखंड भेजा गया। इस वर्ष शुगर मिल को करीब सवा लाख कुंतल गन्ना पांवटा वैली से भेजने का लक्ष्य मिला है। क्षेत्र में शुगर मिल इकाई खुलने से किसानों का फिर से गन्ना उत्पादन में रुझान हो सकता है।

प्रत्याशी बोले, प्रयास करेंगे
पांवटा साहिब (सिरमौर)। कांग्रेस के पांवटा विस क्षेत्र से प्रत्याशी सरदार ओंकार सिंह ने कहा कि कांग्रेस सरकार प्रदेश के किसानों के हितों को कार्य करती रही है। सरकार बनने पर कांग्रेस पांवटा के गन्ना उत्पादक किसानों की मांग को प्रमुखता से पूरा करवाने के प्रयास होंगे।

सीपीएस सुखराम चौधरी ने बताया कि भाजपा सरकार ने किसान बागवानों की आर्थिक दशा बदल दी है। बेहतर सिंचाई सुविधा से विभिन्न फसलों को पैदा किया जा रहा है। मिशन रिपीट पूरा होते ही इस मांग पर भी गंभीरता से विचार होगा।
निर्दलीय प्रत्याशी किरनेश जंग ने कहा कि शुगर मिल की मांग जायज है। क्षेत्र के हजारों किसान पहले विपणन व फिर पेमेंटों के लिए काफी परेशानी झेलते हैं। जनता ने मौके दिया तो इस मांग को पूरा करवाने का हर संभव प्रयास करेंगे।

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