पूरा सप्ताह जमकर बरसेंगे मेघ

Sirmour Updated Wed, 19 Sep 2012 12:00 PM IST
पूरा सप्ताह जमकर बरसेंगे मेघ
नाहन (सिरमौर)। मौसम विभाग की माने तो सिरमौर जिले में इस सप्ताह भी जमकर बारिश होने का अंदेशा है। 17 सितंबर तक जिले में 887.3 मिलीमीटर बारिश होनेे के बावजूद वर्ष 2010 में इसी अवधि में तीन सौ मिलीमीटर बारिश अधिक हुई थी। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो इस वर्ष सितंबर माह तक औसत करीब एक हजार मिलीमीटर बारिश होने का अनुमान है।
विदित रहे कि सिरमौर जिले में 95 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण क्षेत्र हैं और कृषि पर आश्रित हैं। 71 प्रतिशत कृषि बारिश पर निर्भर है। बारिश से ही मौसमी एवं नकदी फसलों की पैदावार होती है। दुग्ध व्यवसाय भी पूरी रह बारिश एवं कृषि पर निर्भर है। जिला मंडी समिति के रिकार्ड के अनुसार सिरमौर जिले में एक वर्ष में 125 करोड़ से लेकर 155 करोड़ तक नकदी फसलों, फलों एवं अनाज का कारोबार होता है, जबकि 50 से 60 करोड़ तक दूध एवं दूध से बनने वाले अन्य उत्पादों से कमाई होती है।
धौलाकुंआ के प्र्रगतिशील किसान भूराराम चौधरी, आजाद किसान क्लब के अध्यक्ष माया राम चौधरी नरेश कुमार, सुनील चौधरी, दर्शन लाल, बागथन के किसान जमन सिंह, पीतांबर सिंह ने कहा कि बारिश कुछ फसलों के लिए लाभदायक है, जबकि कुछ को इससे नुकसान भी पहुंच रहा है।
बाक्स...
वर्ष वार्षिक बारिश (17 सितंबर तक)
2012 887.3 मिलीमीटर
2011 802.9 मिलीमीटर
2012 1175.5 मिलीमीटर
बाक्स
27 हजार हेक्टेयर में होती हैं नकदी फसलें
जिला सिरमौर में कुल 27.01 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में नकदी फसलें पैदा की जाती हैं। इनमें अदरक, लहसुन, टमाटर, फ्रांसबीन, गोभी, आलू, प्याज, हरा धनिया, शिमला मिर्च, मूली, भिंडी, हरी मिर्च, खीरा, तोरी, करेला, कद्दू, लोकी, अरबी, जिमिकंद, कचालू, मक्की के अलावा आडू, सेब, प्लम, नींबू, खुमानी, केला और आम आदि शामिल हैं।

29112 हेक्टेयर क्षेत्र में अनाज की खेती
जिलेभर में 29112 हेक्टेयरमें अनाज पैदा किया जाता है। सबसे उपजाऊ क्षेत्र पांवटा के बहुतायत के अलावा अन्य क्षेत्र में खेती के हिसाब से धान, गूेहूं, सरसों, दालें, तिलहन एवं गन्ना पैदा किया जाता है।

यहां होती है नकदी फसलें और फल
नौहराधार, हरिपुरधार शिलाई, गत्ताधार, सराहां, कफोटा, ददाहू, रेणुका जी, संगड़ाह, बागथन, राजगढ़, भरोग बनेड़ी, बिरला, बायला, महीपुर, सैनधार, पांवटा, आमवाला, कालाअंब, मिश्रवाला, सतीवाला, शंभूवाला आदि।

‘‘सिरमौर जिला में आने वाले एक सप्ताह में इसी प्रकार बारिश जारी रहेगी। इस बार पश्चिमी विक्षोभ के कारण मानसून देर से सक्रिय हुआ, लेकिन सितंबर अंतिम सप्ताह तक सक्रिय रहने से इस वर्ष जिले में औसत बारिश एक हजार मिलीमीटर का आंकड़ा पार कर सकती है। वर्ष 2010 में पौने बारह सौ मिलीमीटर बारिश सर्वाधिक रिकार्ड की गई थी।’’
- डा.एसके भारद्वाज, विभागाध्यक्ष, पर्यावरण विज्ञान विभाग,नौणी विवि

Spotlight

Most Read

Kanpur

बाइकवालाें काे भी देना हाेगा टोल टैक्स, सरकार वसूलेगी 285 रुपये

अगर अाप बाइक पर बैठकर आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भरने की साेच रहे हैं ताे सरकार ने अापकी जेब काे भारी चपत लगाने की तैयारी कर ली है। आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चलने के लिए सभी वाहनों को टोल टैक्स अदा करना होगा।

17 जनवरी 2018

Related Videos

नतीजों से पहले ही हिमाचल में बीजेपी प्रत्याशी के जीत का जश्न

हिमाचल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने में अभी एक दिन बाकी है, लेकिन बीजेपी प्रत्यांशी की जीत के हो‌र्डिंग पहले ही लगा दिए गए।

17 दिसंबर 2017

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper