भूस्खलन से छोड़ रहे गांव

Sirmour Updated Mon, 30 Jul 2012 12:00 PM IST
शिलाई (सिरमौर)। ग्राम पंचायत बनौर के छछेती गांव में हो रहे भूस्खलन से ग्रामवासियों को जहां खतरा उत्पन्न हो गया है, वहीं आपदा प्रबंधन की पोल खुल गई है। टाैंस नदी और बगल में खड्ड से हर वर्ष बरसात के मौसम में हो रहा भू कटाव गांव के नजदीक पहुंच गया है। दो वर्षों से विभाग ग्रामीणों को मात्र आश्वासन देता आ रहा है, लेकिन भूस्खलन रोकने के लिए आपदा प्रबंधन ने कोई भी प्रयास नहीं किया। जिससे ग्रामीणों को अब गांव छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
छछेती निवासी घूंडराम, धर्म सिंह, शुपाराम, दयाराम सहित 15 परिवारों की जमीन पिछले दो वर्षों से भूस्खलन से कटती जा रही है। पहले घासनियां तथा अब खेत भी छोटे होने लगेे हैं। गांव के नजदीक खेतों तक दरारें हो गई हैं। खेत गिरने शुरू हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से सरकारी तंत्र व आपदा प्रबंधन के अधिकारियों ने मात्र ग्रामीणों को आश्वासन ही दिया है।
अब तक दो वर्षों में ग्रामीणों की 50 बीघा उपजाऊ भूूमि बर्बाद हो गई है। यदि भूस्खलन रोकने का कोई बंदोबस्त न हुआ तो ग्रामीणों को गांव छोड़ कर पलायन करना पडे़गा। तहसीलदार पांवटा वीएस गर्ग ने बताया कि गत दिनों भूस्खलन रोकने के लिए मामला भूसंरक्षण विभाग को भेजा है। वह जल्द पटवारी को मौके पर भेजने के आदेश दे रहे हैं। मौके की रिपोर्ट दो दिनों में मांगी गई है।

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