1977 में घोषित सड़क आज तक नहीं बनी

Rampur Updated Wed, 15 Aug 2012 12:00 PM IST
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आनी (कुल्लू)। आनी से बश्ता को बनने वाली सड़क का कार्य कई दशकों से पूरा नहीं हो पा रहा है। बागवानों को भी सेब की फसल बाजार तक पहुंचाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 1977 में सड़क बनाने की घोषणा के बाद जहां लोगों ने अपनी जमीन मार्ग के लिए दी थी, वहीं कुछ बागवानों ने तो सड़क सुविधा के लिए अपने लाखों रुपये के बागीचे तक काट दिए थे। लोगों को सड़क नहीं मिल पा रही।
आनी-बश्ता सड़क से आनी खंड की आनी, नहोंग और जाबन पंचायतों के लोगों को सड़क का लाभ मिलना था। सेब बहुल क्षेत्र होने के चलते बागवानों को फसल मंडियों तक पहुंचाने में आसानी होनी थी। 1977 में शांता कुमार ने आनी-बश्ता सड़क की घोषणा कर इसका जल्द निर्माण कर जनता के सुपुर्द करने की बातें कही थीं। इसके बाद कभी बजट की कमी के चलते सड़क का काम धीमी गति से होता रहा तो कभी सरकारों के बदलने का असर इस पर पड़ा। इसी दौरान 2004-05 में इस सड़क को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में डाला गया। कार्य न करने की वजह से काम दूसरे ठेकेदार को दिया।
लोनिवि का तर्क है कि सड़क निर्माण में हो रही देरी अधिक बरसात का होना भी है। विभाग का यह भी कहना है कि आनी से रूना और दलाश से थनोग तक यह सड़क पास है। इसके बीच थनोग से रूना वाया नगाड़ी कैंची दस किमी सड़क पास होनी अभी बाकी है। सड़क 18 माह में बनकर तैयार होनी चाहिए थी, आठ साल बाद भी तैयार नहीं हुई। सड़क निर्माण में लेटलतीफी के कारण ठेकेदार को लोनिवि ने 2 लाख 46 हजार रुपये का जुर्माना ठोका था। इसकी पुष्टि लोनिवि के अधिशासी अभियंता प्रवेश खन्ना ने की है। 2009 से जो ठेकेदार कार्य कर रहा है, वह जल्द कार्य पूरा कर देगा।
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