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तलवार नृत्य पेश कर देवताओं से मांगा आशीर्वाद

Shimla	 Bureauशिमला ब्यूरो Updated Sun, 21 Apr 2019 11:31 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले की सांगला वैली में इन दिनों बोल मेले की धूम है। तहसील के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में इस ऐतिहासिक मेले को एक अलग अंदाज में मनाया जाता है। यह विशेष पर्व बिशु पर्व के बाद ही शुरू होता है। पर्व को ग्रामीण अपने ईष्ट देवताओं के आदेशों के मुताबिक ही समय अलग-अलग निर्धारित करते हैं। इस विशेष पर्व को मंगलवार या शनिवार को मनाना शुभ मानते हैं।

बोल पर्व के दिन सुबह से ही गांव का माहौल कुछ अलग होता है। ग्रामीण सुबह ही जंगलों से देवदार के टहनियों को घरों के मुख्यद्वार पर लगाना शुभ मानते हैं। इसके बाद प्रत्येक घरों की महिलाओं द्वारा हलवा पूरी सहित अन्य पारंपरिक पकवान और मिष्ठान बनाते हैं।

इसके साथ-साथ मेहमानी का खूब दौर चलता है। मेले का मुख्य उद्देश्य ऋतुराज बसंत के आगमन पर स्वागत करने के साथ-साथ गांव में सुख समृद्धि और वर्ष भर अच्छी फसल की कामना करना है। यह पर्व किन्नौरी पौराणिक परंपरा और संस्कृति को संजोए हुए है।

इस दौरान युवक ईष्ट देवों के द्वारा प्रश्न लगाकर चुने गई 9, 11, 13, 17 तक की संख्या में पारंपरिक वेशभूषाओं में सज-धज कर देवालयों में एकत्रित होते हैं। इसके बाद सुबह करीब 10 बजे से दोपहर तक 7, 9, 11 और 13 बार देवालयों में ईष्ट देवों के सम्मुख तलवार नृत्य पेश करते हैं।

शनिवार को सांगला तहसील के आदर्श गांव बटसेरी में इस विशेष पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया। ग्रामीण सुबह से ही सजधज कर बद्रीनारायण, विष्णुनारायण और तपोनारायण देवालय में एकत्रित हुए और पर्व को विधिपूर्वक निभाया। इस मौके पर नारायण के मंदिर प्रांगण में किन्नौरी पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों पर थिरकते हुए देवालय के 9 चक्कर लगाकर तलवार नृत्य पेश कर देवताओं से आशीर्वाद प्राप्त किया।

तलवार नृत्य में महारथ पाने वाले स्वरूप सिंह लोक्टस, नारायण सिंह दुध्यान, मदन मोहन लोक्टस, ठाकुरसेन यंग माथस, कृष्णप्रकाश लोक्टस, अशोक दुध्यान, मनोज लोक्टस, अजेंद्र, शिवलाल बिलेनटु, निर्मल सिंह जिंटू, रामकृष्ण यह पर्व आज भी अपनी पौराणिक परंपरा को संजोए हुए है।

बसंत आगमन और बेहतर फसल प्राप्ति के लिए ग्रामीण देवता के दरबार में पूजा अर्चना करते हैं। इस संबंध में देवता बद्री नारायण के माथास यशवंत शानटेश्टो, पुजारी दया कृष्ण दुध्यान ने बताया कि हर वर्ष की तरह मनाए जाने वाला यह पर्व इस वर्ष भी हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है।

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