अमेरिका पहुंचा मंडी का जंगली फल

Mandi Updated Sat, 18 Aug 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें

विज्ञापन

मंडी। मंडी की मध्यम ऊंचाई वाली पहाड़ियों में पाया जाने वाला जंगली फल गरनु अर्थात खरनु अब अमेरिका पहुंच गया है। अमेरिकी फल विज्ञानी राबर्ट फ्रास्ट ने अमेरिका में गुरनु के पौधे परीक्षण के लिए तैयार कर लिए हैं। कांटेदार झाड़ियों में पाया जाने वाला यह पौधा बंजर और घास वाली पहाड़ियों पर उगता है। सर्दियों के मौसम में पकने वाला है फल स्वादिष्ट होता है। पौष्टिकता से भरपूर होता है।
इन फल के रस में 25 प्रतिशत घुलनशील पदार्थ,10.80 प्रतिशत शर्करा,1.39 प्रतिशत पेक्टिन तथा 4.09 प्रतिशत प्रोटीन होती है। इतनी मात्रा में प्रोटीन ताजा खाए जाने वाले किसी भी फल में नहीं होती है। मंडी के उद्यान विज्ञानी डा. चिरंजीत परमार पिछले 40 साल से हिमाचल के वन्य फलों पर शोध कर रहे हैं। वे देश विदेश में इन फलों की उपयोगिता का प्रचार कर रहे हैं। उनके द्वारा लिखे लेखों को पढ़ कर अमेरिकी फल विज्ञानी राबर्ट फ्रास्ट गरनु के पौधे परीक्षण के लिए तैयार किए हैं। जो इस वर्ष फल देने को तैयार हैं।
डा. परमार ने बताया कि गरनु का फल जहां पौष्टिकता से भरपूर है। इसकी झाड़ी भी उपयोगी है। इसकी लकड़ी पक्की होती है। इसके कांटे बहुत तेज होते हैं,जो खेत की बाड़ के लिए उपयोगी होता है। इसकी लकड़ी का औजारों के हत्थे बनने में उपयोग होता है। पुराने जमाने में गरनु की लकड़ी से बालों की कंघी भी बनती थी। इसे बंजर और घासनियों में उगाना आसान है। भूमि कटाव और अन्य कारणों से बंजर हुई भूमि के सुधार का यह कारगर तरीका है। अब यह अमेरिका में भी उपयोगी साबित होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us