झील में समा रही बाहरी गंदगी

Mandi Updated Thu, 02 Aug 2012 12:00 PM IST
रिवालसर (मंडी)। ऐतिहासिक रिवालसर झील के इर्दगिर्द बनी नालियों की उचित निकासी न होने से सारी गंदगी झील में समा रहे है। इसे लेकर पर्यावरण प्रेमियों ने गहरा रोष व्यक्त किया है। झील में मिल रही गंदगी के कारण हर वर्ष हजारों मच्छलियों की मौत हो रही है। इससे श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस लग रही है।
स्थानीय निवासी कृष्ण चंद, राम सिंह, पवन कुमार, योगराज, मुंशी राम, भूप चंद, भीम देव, मनोहर लाल, श्याम लाल, दुर्गा दास, दयाराम आदि ने बताया कि प्रदेश सरकार और पर्यटन विभाग झील केसौंदर्यकरण के लिए महज कागजी औपचारिकता तक ही सीमित हो कर रह गए है। जिला प्रशासन द्वारा झील के चारों तफर की नालियों की निकासी के लिए बनाई गई योजना भी कागजों तक ही सीमित हो गई है। प्रशासन द्वारा बनाई गई योजना के प्रारूप में निकासी का प्रावधान किया गया था। योजना के सिरेन चढ़ने से बरसात का गंदा पानी और गंदगी झील में मिल रही है।
इससे मच्छलियों के मरने का क्रम जारी हो गया हैं। उक्त लोगों ने प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि झील में मिल रही गंदगी और गंदे पानी की निकासी के लिए उचित प्रयास किए जाएं। झील में डीसिल्टिंग कार्य करवा कर झील में फैली गंदगी को निकाल कर इसे साफ किया जाए। इधर नगर पंचायत अध्यक्ष बंशी लाल ठाकुर ने पुष्टि करते हुए कहा कि पहाड़ियों और नालियों सहित अन्य निर्माण कार्योँ की मिट्टी झील में सभा रही है। इसके लिए जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार को बार- बार अवगत करवाया गया है। इसके बावजूद सरकार ओैर प्रशासन इस ओर कोई प्रयास नहीं कर रहे।

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