अनदेखी से खफा हैं पुस्तकालय अध्यक्ष

Mandi Updated Fri, 08 Jun 2012 12:00 PM IST
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मंडी। शिक्षा विभाग में कार्यरत सहायक पुस्तकालय अध्यक्षों में उचित वेतनमान न दिए जाने पर रोष पनपने लगा है। उच्च न्यायालय में पहले सिंगल बैंच ने फिर डबल बैंच ने इनके पक्ष में फैसला सुनाया है, लेकिन सरकार एवं विभाग की ओर सहायक पुस्तकालय अध्यक्षों को उचित वेतनमान देने में आनाकानी की जा रही है।
सहायक पुस्तकालय संघ के प्रदेशाध्यक्ष भगत सिंह गुलेरिया ने कहा कि इससे भी ज्यादा हैरानी जनक पहलू यह है कि उच्च न्यायालय की अवमानना के तहत इसी मामले में पहले सिंगल बैंच की ओर से 7 जनवरी 2011 को औैर डबल बैंच में 29 दिसंबर 2011 को वही फैसला लागू करने के आदेश दिए, लेकिन सरकार एवं विभाग न्यायालय के फैसलों की अवमानना कर रहे हैं। 36 सहायक पुस्तकालय अध्यक्षों ने प्रदेश उच्च न्यायालय में उच्च स्केल लेने के लिए मामला दायर किया था।
सिंगल बैंच के इस फैसले को दस हफ्ते में लागू करने के आदेशों को एवं मामले पर अवमानना मामले में सरकार की ओर से कहा गया कि प्रदेश में वित्तीय संकट के चलते यह संभव नहीं है। इस पर 7 जनवरी 2011 को न्यायालय की सिंगल बैंच ने स्केल देने का निर्देश दिया। बावजूद सरकार एवं विभाग ने न्यायालय के आदेशों की अनुपालना नहीं की। गुलेरिया ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि न्यायालय के फैसले पर अमल कर इस वर्ग को मिलने वाले लाभ प्रदान किए जाएं।
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