बादल आए, गरजे और चले गए

Mandi Updated Tue, 05 Jun 2012 12:00 PM IST
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चैलचौक (मंडी)। बारिश के लिए तरस रहे किसान और बागवानों को फिलहाल कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही। किसान सुबह-सायं आसमान की तरफ टकटकी लगाए हुए हैं कि कब बारिश हो और उनका इंतजार खत्म हो। हालांकि सोमवार को क्षेत्रवासियों को आसमान में काले बादलों के दर्शन जरूर हुए जिससे बारिश होने की उम्मीद भी बंधी। बूंदाबांदी होने से किसानों-बागवानों को गर्मी से कुछ राहत मिली, लेकिन बादल गरजना करते हुए फिर दूर निकल गए। बारिश न होने से क्षेत्र के अधिकांश गांवों में जहां पेयजल संकट गहराया है, वहीं मवेशी और जंगली जानवरों को भी पानी नहीं मिल रहा। नदी-नालों और प्राकृतिक जल स्रोतों के सूख जाने से जंगलों में विचरण करने वाले जानवर पानी की तलाश में अब मैदानी इलाकों में दस्तक देने लगे हैं। इसके चलते लोग अपने बच्चों और मवेशियों के लिए खासे चिंतित हैं। स्थानीय निवासी मोहिंद्र सिंह, रमेश, कश्मीर, तेज सिंह, मस्त राम, धर्मपाल, ठाकुर दास, राम सिंह, अमर सिंह, संजय, तेजपाल, संजीव कुमार आदि का कहना है कि बारिश न होने से अब उन्हें फसल बिजाई की चिंता सताने लगी है। हालांकि आज कल मक्की बिजाई का कार्य शुरू हो गया है, लेकिन जमीन में नमी न होने से किसानों के हाथों से यह समय निकलता जा रहा है। बारिश के लिए लोग अपने-अपने अधिष्ठाता देवी-देवताओं की शरण में पहुंचने लगे हैं। इधर, मौसम विभाग के निदेशक डा. मनमोहन सिंह ने बताया कि प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है लेकिन जरूरत के मुताबिक वर्षा के लिए किसानों को अभी इंतजार करना पड़ सकता है।

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