एवरेस्ट विजेताओं की कद्र नहीं

Kullu Updated Wed, 29 Jan 2014 05:47 AM IST
मनाली। माउंट एवरेस्ट फतह करने वाले एनसीसी कैडेट प्रदेश में सम्मान को तरसकर रह गए हैं। केंद्र सरकार की ओर रक्षा मंत्री एके एंटनी ने इन्हें पिछले दिनों सम्मानित किया है, लेकिन अभी तक प्रदेश सरकार ने इनकी सुध नहीं ली है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मनाली के खीमी राम और रजत कुमार इस बात से आहत हैं।
माउंट एवरेस्ट विजेताओं का कहना है कि मणिपुर के कैडेटों को वहां की सरकार ने दस-दस लाख रुपये देने की घोषणा की है। मणिपुर सरकार ने यह घोषणा उसी समय ही कर दी थी कि जब कैडेट माउंट एवरेस्ट फतह कर वापस लौट रहे थे। अभी तक हिमाचल सरकार ने ऐसा कुछ नहीं किया है। उन्होंने उम्मीद जाहिर करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार भी प्रतिभाओं को निखारने तथा प्रोत्साहित करने के लिए माउंट एवरेस्ट विजेताओं को सम्मानित करेगी और उनका हौसला बढ़ाएगी। दिल्ली से सम्मान पाकर लौटे खीमी और रजत ने बताया कि एनसीसी ने माउंट एवरेस्ट फतेह करने के लिए पिछले वर्ष देश भर के लगभग छह सौ बच्चों को चुना था। पंद्रह प्रतिभागी ही माउंट एवरेस्ट के लिए चयनित हुए थे। 15 में से नौ प्रतिभागी एवरेस्ट पर चढ़ सके थे। इधर, एनसीसी का सर्वोच्च इनाम मिलने पर विंटर गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष एवं नप मनाली के अध्यक्ष रूप चंद नेगी, महासचिव रोशन ठाकुर सहित रावमा पाठशाला मनाली के प्रधानाचार्य ने भी युवाओं को बधाई दी है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से आग्रह किया है कि इन होनहारों को भी दूसरे राज्यों की भांति सम्मानित किया जाए।
---
बीस जनवरी को मिला सम्मान
खीमी राम और रजत कुमार को बीस जनवरी को रक्षा मंत्रालय की ओर से करवाए गए कार्यक्रम में माउंट एवरेस्ट फतेह करने पर देश के रक्षा मंत्री एके एंटनी ने सम्मानित किया है।

Spotlight

Most Read

Bihar

चारा घोटाला: लालू यादव को तीसरे केस में 5 साल की सजा, कोर्ट ने 10 लाख का लगाया जुर्माना

पूर्व रेल मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है।

24 जनवरी 2018

Related Videos

बर्फ से ढकी हिमाचल की सड़कों पर पहली बार चली ये खास मशीन

हिमाचल प्रदेश ऊंचे इलाकों में बर्फबारी लगातार हो रही है। इस कारण रास्ते जाम हो गए हैं। इस हालात से निपटने के लिए पहली बार स्नो कटर का इस्तेमाल हो रहा है यहां के जलोड़ी दर्रा नेशनल हाईवे पर।

17 दिसंबर 2017