मशरूम की खेती करेगी मालामाल

Kullu Updated Tue, 28 Jan 2014 05:48 AM IST
खराहल (कुल्लू)। जिले में मशरूम उत्पादन भी बड़े स्तर पर होने लगा है। इसकी खेती के लिए बागवानी विभाग किसानों को प्रशिक्षण के तहत प्रोत्साहित कर रहा है। खास यह है कि मशरूम की खेती भूमिहीन किसान भी अपने घर द्वार कर सकते हैं। लिहाजा, बेरोजगार किसानों का इस ओर रुझान बढ़ने लगा है। बागवानी विभाग भी इसकी खेती के लिए मशरूम उत्पादकों को समय-समय पर प्रोत्साहित कर रहा है। उद्यान विभाग किसानों को अनुदान भी दे रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो कुल्लू का तापमान तथा आर्द्रता मशरूम की खेती के लिए उपयुक्त है। इसके चलते यहां अधिक मात्रा में मशरूम की खेती की जा सकती है। इसके लिए विभाग किसानों के लिए प्रशिक्षण भी दे रहा है। कुल्लू जिला के घौड़दौड़ के मशरूम उत्पादक कर्म चंद का कहना है कि उन्होंने विभाग से मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण प्राप्त किया और थोड़ी सी पूंजी लगाकर अब उन्हें इस कारोबार में काफी मुनाफा हो रहा है। घाटी के किसान शोभा राम तथा पंकज भी मशरूम की खेती कर रहे हैं। इनका कहना है कि मशरूम उगाकर वे होटलों तथा स्थानीय सब्जी विक्रेताओं को बेच रहे हैं। कहा कि मशरूम के अच्छे दाम मिलने से यह रोजगार का अच्छा साधन बनता जा रहा है। जिला की स्नोर घाटी में बड़े पैमाने पर इसका उत्पादन किया जा रहा है। प्रशिक्षण की उपलब्धता के चलते बेरोजगार युवाआें में इसके प्रति लगातार रुझान बढ़ रहा है। उत्पादकों का कहना है कि मशरूम कंपोस्ट का मिश्रण बेहतर हो तो पैदावार भी उम्दा होती है। बागवानी विभाग के उपनिदेशक डॉ. बीसी राणा कहते हैं कि मशरूम उत्पादन को लेकर विभाग समय-समय पर प्रशिक्षण देता रहता है। प्रशिक्षकों को अनुदान की राशि भी मुहैया करवाई जाती है। डॉ. जयंत कुमार के मुताबिक मशरूम हृदय रोग के लिए लाभकारी है। इसमें विटामिन-सी और डी की उपलब्धता होती है। कहा कि मशरूम में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम, लोहा पोटाशियम तथा तांबा आदि खनिज भी पाए जाते हैं।

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