विदेशी शोधार्थियों ने जान कुल्लू के दशहरा का रहस्य

Kullu Updated Tue, 22 Oct 2013 05:41 AM IST
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कुल्लू। अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव देश-विदेश के शोधार्थियों के लिए शोध का एक विषय बना रहा। किसी ने पूजा की विधि पर शोध किया तो किसी ने देव रथ पर और किसी ने कुल्लू का दशहरा कैसे दूसरे दशहरे से अलग है पर शोध किया। दशहरा उत्सव के शुभारंभ और समापन पर शोधार्थी भगवान रघुनाथ के रथ के आस-पास देख गए। देश-विदेश के सैकड़ों शोधार्थियों ने सात दिन तक कुल्लू के ढालपुर मैदान में डेरा जमाए रखा। इन शोधार्थियों ने कुल्लू के ढालपुर मैदान में सात दिनों तक अस्थायी शिविरों में विराजमान कुल्लू जिला के करीब 220 से ज्यादा देवी-देवताओं की तस्वीरें खींचकर उनके बारे में जानकारी जुटाई। दशहरा उत्सव पर लंबे समय तक शोध कर रहे कुल्लू कॉलेज के प्रो. डा. सूरत राम ठाकुर ने बताया कि इस वर्ष उनसे करीब दस लोगों ने दशहरा उत्सव से जुड़ी जानकारियां जुटाई। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ के दत्त महेश ने देव राजनीति पर शोध किया। दिल्ली के त्रिखा ने कुल्लू का दशहरा अन्य दशहरों से कैसे विभिन्न है। इस पर शोध किया। इसके अलावा चंडीगढ़ की ऋतु भाटिया ने हिड़िंबा देवी पर शोध किया। कुल्लू में हुए इस देव समागम पर कई लोगों ने शोध किए। पूर्व जिला भाषा अधिकारी और दशहरे उत्सव पर लंबे समय तक शोध करने वाले सीता राम ठाकुर का कहना है कि इस बार उनसे करीब चार शोधार्थियों ने संपर्क किया। इसमें एक निजी चैनल की टीम थी। कई शोधार्थियों ने अपने स्तर पर भी देव शिविरों में जानकारी जुटाकर शोध किया। कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर का कहना है कि हर साल विदेशी पर्यटक दशहरा उत्सव और देवी-देवताओं पर शोध करते हैं।
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