ब्यास में धड़ल्ले से फेंका जा रहा कूड़ा कर्कट

Kullu Updated Wed, 26 Dec 2012 05:30 AM IST
खराहल (कुल्लू)। ब्यास की धारा को मैली होने से बचाने के लिए भले ही प्रशासन और नगर परिषद ने कड़े नियमों का प्रावधान कर दिया हो लेकिन अभी भी नदी में कूड़ा कर्कट बदस्तूर फेंका जा रहा है। नदियों में बढ़ता यह प्रदूषण मानव जीवन के साथ पानी के जीवों के लिए भी घातक है।
कुछ लोगों की लापरवाही और सरकार की अनदेखी के चलते ब्यास, पार्वती और सरवरी नदियां लगातार प्रदूषण की जद में आने लगी हैं। दो दशक पूर्व इन नदियों का पानी निर्मल और शुद्ध होता था। लेकिन आज मनाली से लेकर इसके साथ बसे शहरों की तमाम गंदगी इसमें फेंकी जा रही है। यही हाल मणिकर्ण से भुंतर तक बहने वाली पार्वती नदी का है। जिला मुख्यालय में बहने वाली ब्यास की सहायक नदी सरवरी का हाल भी शहर की गंदगी से दयनीय है।
एक सर्वे के मुताबिक नदी के सौ मीटर पानी में 3000 कोलीथॉम बैक्टीरिया मौजूद है। प्रदूषित पानी से पीलिया और अन्य बीमारी फैलने की भी आशंका रहती है। इसके अलावा 50000 लीटर गंदगी का सीधा प्रभाव नदियों में एकत्रित हो रहा है। नदियों में वास करने वाले जीत जंतुओं का जीवन भी इस कारण संकट में है। प्रदूषित होती इन नदियों को बचाने के लिए न तो सामाजिक संस्थाएं और न ही सरकार की ओर से कोई ठोस नीति बनाई जा रही है। इन नदियों में शहरों और कस्बों से निकलने वाली तमाम गंदगी को फेंका जा रहा है। पर्यावरणविद तथा राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता किशन लाल का कहना है कि यह मामला काफी गंभीर है। सरकार को सुनियोजित ढंग से इन नदियों को प्रदूषित होने से बचाना चाहिए।

सरकार को उठाने होंगे कड़े कदम
जीबी पंत हिमालय एवं पर्यावरण विकास संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक जेसी कुनियाल ने कहा कि व्यास-पार्वती नदियों में लगातार प्रदूषण का बढ़ना चिंता का विषय है। इस गंभीर समस्या से निजात दिलाने के लिए लोगों को जागरूक होना चाहिए। सरकार को इस समस्या के समाधान हेतु कारगर कदम उठाने चाहिए।
बोरिंग करके निकाला है सारा पानी
आईपीएच विभाग कुल्लू के अधिशासी अभियंता उपेंद्र वैद्य ने बताया कि जिला में जितनी भी उठाऊ पेयजल योजनाओं से लोगों को पानी मुहैया करवाया जा रहा है उनका पानी बोरिंग करके निकाला गया है। तमाम योजना के पानी को प्रयोगशाला में परीक्षण करने के बाद ही इसकी आपूर्ति की जाती है।

कोर्ट के आदेशों का हो रहा पालन : कालिया
नगर परिषद के जिला अध्यक्ष ऋ षभ कालिया ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों का पालन किया जा रहा है। ब्यास को प्रदूषित होने से बचाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। इसके अलावा सूचना बोर्ड लगाकर नदियों में कूड़ा कर्कट न फेंकने की सलाह दी गई है।

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