मशरूम उत्पादन से हजारों की कमाई

Kullu Updated Fri, 07 Dec 2012 05:30 AM IST
खराहल (कुल्लू)। प्रोटीन और खनिजों से भरपूर मशरूम किसानों की जेबें भी खूब भर रहा है। मशरूम की खेती अब स्वरोजगार का साधन बनती जा रही है। कुल्लू जिला में कई किसान इससे जुड़े हैं। होटलों में खासी डिमांड होने के कारण खरीददार भी जिला के भीतर ही मिल जाते हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक कुल्लू का तापमान और आद्रता मशरूम की खेती के लिए उपयुक्त है। इसके चलते यहां अधिक मात्रा में मशरूम
उत्पादन की संभावना है। उद्यान विभाग सीमांत किसानों और अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्गों को अनुदान के रूप में मशरूम के बीज देता है। साथ ही प्रशिक्षण भी प्रदान करता है। घोडदौड़ के किसान कर्मचंद ने बताया कि विभाग से प्रशिक्षण लेकर उन्होंने थोड़ी सी पूंजी लगाकर मशरूम का कारोबार शुरू किया था। बाजार में 80 से 100 रुपयेे प्रति किलो के हिसाब से इसका भाव मिल रहा है। वह 17 सालों से मशरूम की खेती कर रहे हें। किसानों के मुताबिक पहले इसका बीज न मिलने की समस्या होती थी लेकिन अब सुगमता से विभाग से बीज मिल जाता है।
सत्रह मील के शेर सिंह, जगतसुख के पंकज, छतोल के शोभा राम भी मशरूम का उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बेहतर दाम मिलने से यह रोजगार का अच्छा साधन बनता जा रहा है। स्नोर घाटी में इसका उत्पादन बडे़ पैमाने में हो रहा है। नगवाईं के राम लाल और जितेंद्र कपूर का कहना है कि हर साल वह करीब 60 से 80 हजार रुपये के मशरूम बेच लेते हैं। कहा कि मशरूम कंपोस्ट का मिश्रण बेहतर हो तो उत्पादन भी उमदा होता है।

मशरूम में होते हैं कई खनिज
बागवानी अनुसंधान केंद्र बजौरा के सह निदेशक डा. जयंत के अनुसार मशरूम हृदय रोग में फायदेमंद है। विटामिन -बी तथा सी होने से दांतों के लिए अच्छा माना जाता है। मशरूम में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम, पोटाशियम, फारसफोरस, लोहा तथा तांबा खनिज पाए जाते हैं।
स्वरोजगार का अच्छा साधन : राणा
उद्यान विभाग कुल्लू के उपनिदेशक डा. बीएस राणा ने कहा कि मशरूम उत्पादकों को विभाग नियमानुसार अनुदान के तहत बीज प्रदान करता है। युवाओं के लिए यह स्वरोजगार का साधन बनता जा रहा है। कहा कि विभाग समय-समय पर युवाओं तथा भूमिहीन किसानों को इसका प्रशिक्षण देता है।

Spotlight

Most Read

Delhi NCR

स्वास्थ्य कर्मचारियों को मिलेगा दोगुना वेतन, दिल्ली सरकार देने जा रही है तोहफा

सरकार ने इन कर्मचारियों का वेतन दोगुना करने के साथ-साथ हर साल चिकित्सीय अवकाश के तौर पर 15 दिन की छुट्टी देने का फैसला लिया है।

23 जनवरी 2018

Related Videos

बर्फ से ढकी हिमाचल की सड़कों पर पहली बार चली ये खास मशीन

हिमाचल प्रदेश ऊंचे इलाकों में बर्फबारी लगातार हो रही है। इस कारण रास्ते जाम हो गए हैं। इस हालात से निपटने के लिए पहली बार स्नो कटर का इस्तेमाल हो रहा है यहां के जलोड़ी दर्रा नेशनल हाईवे पर।

17 दिसंबर 2017

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper