पैदल चलने को मजबूर 7 गांव के लोग

Kullu Updated Wed, 05 Dec 2012 05:30 AM IST
कुल्लू। मणिकर्ण घाटी की छैंऊर पंचायत को जाने वाली एचआरटीसी की बस के बंद होने से लोग परेशान हैं। बस बंद होने से छैंऊर पंचायत के आधा दर्जन गांवों के लोगों को छह से सात किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। बीमार लोगों को भारी भरकम पैसा खर्च कर टैक्सियां करनी पड़ती हैं।
सड़क मार्ग का उद्घाटन करीब तीन महीने पहला हुआ था और स्थानीय विधायक ने एचआरटीसी की बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। लेकिन उद्घाटन के दूसरे दिन से ही बस बंद हो गई थी। इसके बाद लोगों की मांग पर निगम ने यह बस शुरू की थी लेकिन एक महीना ही बस इस सड़क पर दौड़ी। स्थानीय निवासी ओम प्रकाश, नानक चंद, खुशहाल सिंह, सोनू और रूम सिंह का कहना है कि विधायक ने सड़क का निर्माण करवाकर लोगों की मांग पूरी कर दी है लेकिन निगम बस नहीं चला रहा।
ग्रामीणों ने सरकार और निगम को चेतावनी दी कि अगर इस बस को जल्द से जल्द भुंतर से बड़ोगी तक नहीं चलाया गया तो छैंऊर पंचायत के कोट, कोटूथाणा, लहाशणी, कोना, चौहकी, चकरिंगा और वीरनी गांव के लोग उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। छैंऊर की पूर्व प्रधान मणि देवी ने कहा कि बस बंद होने का खामियाजा सात गांवों के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। बस को सुचारु नहीं किया गया तो निगम के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। आरएम कुल्लू पवन कुमार ने बताया कि सड़क कच्ची होने के कारण बस को बंद किया था। बताया कि इस रूट पर जल्द बस सेवा शुरू कर दी जाएगी।

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