हजारों लोग सड़क सुविधा से महरूम

Kullu Updated Tue, 04 Dec 2012 05:30 AM IST
कुल्लू। नेताओं के लच्छेदार भाषणों में शुमार रहने वाले गांव-गांव में सड़क पहुंचाने के दावे अभी तक धरातल से काफी दूर हैं। बंजार घाटी की दशा देख इसका अंदाजा खुद ही लग जाता है। भले ही सड़कों का काम वन विभाग से मंजूरी न मिलने और लोगों की आपसी सहमति न बन पाने के कारण अटका हो लेकिन हैरत इस बात की है कि लंबे अंतराल बाद भी इन पचड़ों को कोई भी सियासी दल नहीं निपटा पाया। जिला में कई ऐसी पंचायतें हैं जो आजादी के बाद भी सड़क सुविधा से कोसों दूर हैं। ऐसे में गांव सड़क से कैसे जुड़ पाएंगे।
सड़क असुविधा के मामले में बंजार घाटी पहले नंबर पर है। यहां कई पंचायतों में सड़क निकलना अभी भी सपने जैसा है। कई पंचायतों को सड़कें निकल रही हैं लेकिन उनका काम बेहद धीमी गति से हो रहा है। कुछ सड़कों का काम चले हुए तो बीस बरस तक हो चुके हैं। कई सड़कें नदी-नालों पर पुल न बनने से अटकी पड़ी हैं।
बंजार घाटी की शिल्ही, मशियार, नौहांडा, श्रीकोट, पनिहार, शांघड़, गाडापारली तथा देहुरीधार पंचायतें सड़क सुविधा से काफी दूर हैं। यहां के लोग आज भी अपना जरूरी राशन-पानी और अन्य सामान पीठ पर उठाकर ले जाने को मजबूर हैं। साग-सब्जी तथा सेब आदि फलों को मंडियों तक पहुंचाने में किसानों और बागवानों को अपनी कमाई का आधा हिस्सा भाड़े के रूप में खर्च करना पड़ता है।
शैंशर, बनोगी और सुचैहण पंचायतों को सड़कें तो बन रही हैं लेकिन
काम जिस गति से चला है उससे लोग निराश हैं। बंजार घाटी के रहने वाले पर्यावरण चिंतक दौलत भारती का कहना है कि बंजार के कोटला-चकुरठा सड़क बन चुकी है। लेकिन हालत इतनी दयनीय है कि लोग वाहनों के बजाए यहां पैदल चलना ज्यादा आरामदायक समझते हैं।
फागूपुल-पनिहार तथा कलवारी पंचायत को जोड़ने वाली सड़क का बोर्ड 1978-79 का टंगा है। लेकिन सड़क अभी भी पूरी नहीं बन पाई है। तेरह किलोमीटर लंबी कलवारी सड़क 35 साल में मात्र मीन किलोमीटर ही बन पाई। घरटगाड़ के पास यातायात योग्य पुल नहीं बन पाने से सड़क का काम रुका पड़ा है। नौंहाड़ा पंचायत के पेखसड़ी गांव तक सड़क तो बनी है लेकिन बस सेवा नियमित नहीं। इस पंचायत के तलिंगा, रोपा, तिंदर और शलींगा गांव अभी सड़क सुविधा से वंचित हैं। मशियर पंचायत के घडियाल, घलीगंचा, मझाली और कमेड़ा को जोड़ने के लिए टीलापुल तक सड़क तो बनी लेकिन 2008 के बाद न तो सड़क को पास किया गया है और न ही इस पर बस चली।

वन विभाग की मंजूरी का इंतजार : शर्मा
लोनिवि कुल्लू के अधिशासी अभियंता अनिल शर्मा ने कहा कि यह सड़कें प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बन रही हैं लेकिन वन विभाग की स्वीकृति न मिलने से इनका कार्य नहीं हो पा रहा। उनके मुताबिक इस वजह से करीब 60 से 70 फीसदी सड़कें इसी कारण से रुकी पड़ी हैं। इसके अलावा कुछ सड़कें लोगों की प्राईवेट लैंड होने से भी नहीं बन पा रही। विभाग इस पर काम कर रहा है। केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने पर इसका कार्य तेजी से शुरू किया जाएगा।

Spotlight

Most Read

National

पाकिस्तान की तबाही के दो वीडियो जारी, तेल डिपो समेत हथियार भंडार नेस्तनाबूद

सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने पाकिस्तानी गोलाबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया है। भारत के जवाबी हमले में पाकिस्तान की कई फायरिंग पोजिशन, आयुध भंडार और फ्यूल डिपो को बीएसएफ ने उड़ा दिया है।

23 जनवरी 2018

Related Videos

बर्फ से ढकी हिमाचल की सड़कों पर पहली बार चली ये खास मशीन

हिमाचल प्रदेश ऊंचे इलाकों में बर्फबारी लगातार हो रही है। इस कारण रास्ते जाम हो गए हैं। इस हालात से निपटने के लिए पहली बार स्नो कटर का इस्तेमाल हो रहा है यहां के जलोड़ी दर्रा नेशनल हाईवे पर।

17 दिसंबर 2017

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper