कुल्लू में हांफी दो दर्जन पेयजल योजनाएं

Kullu Updated Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
कुल्लू। भले ही देवभूमि कुल्लू का मौसम एक डेढ़ माह से शुष्क चल रहा हो, लेकिन पिछले दिनों जिले की ऊंची चोटियों में हुए हल्के हिमपात के बाद ऊंचाई वाले क्षेत्रों का पारा शून्य से नीचे लुढ़क गया है। कड़ाके की ठंड होने से जिले की दो दर्जन से अधिक पेयजल परियोजनाएं हांफ गई हैं। ऐसे में लोगों को सुबह शाम पेयजल किल्लत से दो चार होना पड़ रहा है। नलकों में पानी नहीं टपक रहा है। जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों से जोड़ी गई पेयजल योजनाएं ठंड के चलते जाम हो गई हैं। मौसम साफ रहने के बावजूद कड़ाके की ठंड पड़ने से पेयजल स्रोतों और पाइपों में जमने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को महकमे की ओर से निर्धारित समय पर पानी मिल रहा है, लेकिन जिला के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को चार-चार दिन बाद पानी नसीब हो रहा है। ऐसे में ग्रामीण नदी नालों से पानी ढोने का विवश हैं। जिला भर में विभाग की ओर से लाखों करोड़ों रुपये की लागत से तैयार की पेयजल योजनाओं में से करीब चार दर्जन योजनाओं में समय के अनुरूप पानी नहीं आ रहा है। मेन सोर्स जाम होने से विभाग के माथे पर भी चिंता की लकीरें पड़ने लगी हैं। जिला के आनी, निरमंड, बंजार, मनाली, सैंज, कुल्लू, लगवैली और भुंतर क्षेत्रों के ग्रामीण इलाकों की कई पेयजल योजनाएं पारा लुढ़कने के हांफने लगी हैं। विभाग ने हर क्षेत्र के लिए पेयजल आपूर्ति को लेकर समयसारिणी तैयार कर रखी है, बावजूद इसके पानी नहीं आ रहा है। इसकी खास वजह पानी के मेन स्रोत में पानी का जमना माना जा रहा है। आनी खंड की विशलाधार सहित लगवैली, जिला मुख्यालय के साथ सटी खराहल घाटी के अधिकतर लोगों को पानी नसीब नहीं हो पा रहा है। वहीं, निरमंड के अरसू, बाड़ी, बागीपुल और आनी के कई इलाकों सहित बंजार घाटी के दर्जन भर गांवों में पीने के पानी को लेकर अभी से त्राहि-त्राहि मच गई है। कई गांवों को तो हफ्ते बाद पानी की सप्लाई मिल रही है। पेयजल संकट की समस्या से जूझ रहे अधिकतर ग्रामीण इन दिनों नदी नालों का दूषित पानी पीने को मजबूर है। इसके अलावा मणिकर्ण, दियार और रायसन आदि क्षेत्रों में भी पानी की किल्लत काफी दिनों से महसूस की जा रही है। वहीं, आनी शहर के कई वार्डों में शहरवासियों को पीने का पानी नसीब नहीं हो रहा है। गोविंद सिंह, टेक सिंह, लाल चंद और देवी राम का कहना है कि शहर में तय समयसारिणी के अनुसार भी पानी नहीं मिल रहा है। उधर, आईपीएच महकमे के अधीक्षक अभियंता आरके शर्मा का कहना है कि ठंड के बढ़ते प्रकोप से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कड़ाके ठंड के चलते पेयजल स्त्रोत तथा पाइपें जाम होने लगी हैं, विभाग फिर भी लोगों को पर्याप्त पेयजल मुहैया करवाने में प्रयासरत है। विभागीय अधिकारी और कर्मचारियों और समय-समय पर मैन सोर्सों और पेयजल योजनाओं को चेक किया जा रहा है।

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