माटी के रंग जानकर बोइए बीज

Kullu Updated Fri, 17 Aug 2012 12:00 PM IST
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कुल्लू। खेत की माटी का रंग बोलता है। बताता है कि किस बीज के लिए खेत का ‘आंचल’ सहायक होगा। किसान इसका पता मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं से लगा सकते हैं। मुट्ठीभर मिट्टी खेत या जमीन से लाकर किसान प्रयोगशालाओं में इसका परीक्षण करवा सकते हैं। यह सुविधा एकदम मुफ्त है।
जिला में मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने में अहम योगदान दे रही है। इस वर्ष 3,761 मिट्टी परीक्षण कार्ड लघु और सीमांत किसानों को वितरित किए हैं। इसमें कुल्लू विकास खंड में 975, नग्गर में 815, बंजार में 350, आनी में 1,241 और निरमंड में 400 कार्ड वितरित किए गए।
प्रयोगशाला के मिट्टी परीक्षण अधिकारी डा. दिनेश कुमार ने बताया कि माइक्रो न्यूट्रियंस जो मिट्टी में कृषि के लिए महत्वपूर्ण हैं। मिट्टी में जिंक, कापर, आयरन और मैगनीज पाए जाते हैं। प्रयोगशाला में इसका पता आसानी से लगा जा सकता है।
कृषि विभाग जिला में पैदावार और गुणवत्ता में वृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है। ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में मिट्टी परीक्षण कार्ड के बारे में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कृषि संगोष्ठियों और प्रशिक्षण शिविरों में कृषि उन्नयन पर बल दिया जा रहा है। इससे ग्रामीण आर्थिक और फसल विविधता को प्रोत्साहन मिलेगा। कृषि और बागवानी जिला की सकल घरेलू उत्पाद का अभिन्न हिस्सा है तथा मिट्टी परीक्षण की सुविधा प्रदेश सरकार नि:शुल्क प्रदान करती है। कृषि उपनिदेशक ज्ञान ठाकुर ने बताया कि लघु और सीमांत किसानों को मिट्टी परीक्षण सुविधा का लाभ उठाना चाहिए तथा अपनी आर्थिक सुदृढ़ बनानी चाहिए।

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