19 और 20 को नहीं करेंगे हड़ताल

Kullu Updated Mon, 18 Jun 2012 12:00 PM IST

कुल्लू। एचआरटीसी में चल रही संयुक्त समन्वय समिति की हड़ताल का इंटक और भामसं ने विरोध किया है। दोनों संघों का कहना है कि जब सरकार ने उनकी 80 प्रतिशत मांगों को मान लिया है तो हड़ताल करने का कोई मतलब नहीं रहता है।
इंटक के प्रदेश अध्यक्ष उमेश शर्मा और बीएमएस के प्रदेश प्रधान जसमेर राणा ने कहा कि सभी संघ की बैठक में मुख्य सचिव ने उनकी मांगों का मान लिया तो फिर हड़ताल करने का कोई तुक नहीं है। हड़ताल से एक तो एचआरटीसी को नुकसान होता है और दूसरे आम लोगों को परेशानी है। इसलिए ये दोनों संघ संयुक्त समन्वय समिति के 19 और 20 जून की हड़ताल में शामिल नहीं होंगे और उस दिन एचआरटीसी को अपनी सेवाएं देंगे।
शर्मा ने 19 और 20 जून को काम करने वाले कर्मियों को सुरक्षा मुहैया करवाने की मांग भी प्रशासन से की है। उन्होंने कहा कि मनाली से शिमला जा रही बस को भी मंडी में जबरदस्ती रोककर चालक से हाथापाई भी की। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ और एक घंटे के बाद बस रवाना हुई। पत्रकार वार्ता में इंटक के प्रदेश अध्यक्ष उमेश शर्मा ने कहा कि निगम को रोडवेज बनाने की मांग पर एक समिति का गठन किया जाएगा। जो इसके गुण और दोषों का आंकलन करेगी। इसके अलावा प्रदेश सरकार की ओर से निगम को दिए जा रहे अनुदान का 20 प्रतिशत पेंशन ट्रस्ट में डालने का निर्णय लिया तथा भविष्य में पेंशन ट्रस्ट में एक पैसा प्रति किलोमीटर डालने का फैसला लिया गया। भत्ताें की बकाया राशि के भुगतान को शीघ्र जारी करने का फैसला लिया गया। कई अन्य मुद्दों पर भी सहमति बनीं है। इसलिए अब इंटक और भामसं ने वर्क टूल रूल और 19 और 20 जून की प्रस्तावित हड़ताल को वापस लेने का निर्णय लिया है। रामलाल शास्त्री, मुरारी लाल, दीपक और गौरी लाल मौजूद थे।

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