निगम के कर्मचारियों को नहीं मिला सम्मान

Kullu Updated Sun, 10 Jun 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
कुल्लू। हिमाचल पथ परिवहन निगम के कर्मचारी दिन-रात फौजी के भांति प्रदेश में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्हें जो वेतन और भत्ते दिए जा रहे हैं, वह उनके काम के अनुसार बेहद कम है। रोजगार संघर्ष यात्रा के दौरान पूर्व परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि जब वे परिवहन मंत्री थे तो उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बेस्ट ट्रांसपोर्ट मंत्री के रूप में सम्मानित किया था। उनके कार्यकाल में हिमाचल पथ परिवहन निगम में कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की थीं।
सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आई थी और यात्रियों को सुविधा के लिए कई नई बसें शुरू की थीं। रोजाना निगम की बसों में सफर करने वालों के लिए कई योजनाएं शुरू करवाईं। जीएस बाली ने कहा कि एचाआरसी कर्मी दिन-रात फौजी के भांति अपने घर से दूर रहकर प्रदेश की जनता की दिन रात सेवा कर रहे हैं, लेकिन उन्हें इसके बदले में उचित वेतन और मानदेय नहीं मिल रहा। परिवहन निगम के कर्मचारियों को उचित सम्मान देने के लिए पालिसी बनाई जानी चाहिए।

...गुमराह करने को बांटें थे पर्चे
धर्मशाला में उनके खिलाफ पर्चे बांटने के मुद्दे पर जीएस बाली ने कहा कि इस मामले में कुछ लोगों ने उनकी छवि को खराब करने का प्रयास किया है। इन पर्चों में न किसी का नाम था और न ही कोई इनका पब्लिशर था। यह पर्चे मात्र लोगों को गुमराह करने के लिए बांटे थे। जीएस बाली ने कहा कि वे पहले नेता हैं, जिन्होंने हाईकोर्ट से उन पर न्यायिक जांच करने की मांग की थी। कहा कि एक चैनेल से चले विवाद को वे सुप्रीम कोर्ट में जीत चुके जीत चुके हैं।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Chandigarh

हाईप्रोफाइल जम्मू सेक्स स्कैंडल मामले में फैसला 30 मई को, नामी हस्तियां आरोपी हैं

12 साल पुराने और बहुचर्चित जम्मू सेक्स स्कैंडल मामले में सीबीआई की विशेष अदालत 30 मई को फैसला सुनाएगी, नामी हस्तियां आरोपी हैं।

24 मई 2018

Related Videos

यहां प्यास बुझाने के लिए हुआ एक करोड़ खर्च, फिर भी सूखे हलक

हिमाचल के कुल्लू में चार पंचायतों की ओर से ग्रामीणों की पानी की किल्लत को खत्म करने के लिए बनाई गई खनेरनाला-शुश पेयजल योजना फेल होती नजर आ रही है।

4 अप्रैल 2018

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen