प्रोजेक्टों के विरोध में होगी महा रैली

Kullu Updated Mon, 04 Jun 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें

उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। शीत मरुस्थल लाहौल घाटी में बन रही विभिन्न जल विद्युत परियोजनाओं के विरोध में स्वर मुखर हो गए हैं। घाटी में बनने वाली परियोजनाओं के विरोध में पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर जिस्पा बांध संघर्ष समिति आंदोलन करेगी। केलांग में इस दिन महारैली होगी।
समिति के संयोजक रिगजिन संफेल हायरप्पा ने कहा कि घाटी में सैली हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट, मयाड़ हाइड्रो प्रोजेक्ट, तांदी, रारिक, छतड़ू, कोकसर, कारदंग ओर रोहली में सैकड़ों मेगावाट के प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है। इससे घाटी का पर्यावरण नष्ट हो जाएगा। पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर केलांग में इन प्रोजेक्टों के विरोध में महारैली होगी। उधर, इस रैली में हिमालयन प्रोटेक्शन सोसायटी के अध्यक्ष एवं पर्यावरण चिंतक अभिषेक राय विशेष रूप से भाग लेने जा रहे हैं। लाहौल में इतने अधिक प्रोजेक्ट लगने से पूरी नदी भूमिगत हो जाएगी। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली परियोजना मंजूर नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर विनाश किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनजातीय क्षेत्र में कुछ भी जबरदस्ती नहीं थोपना चाहिए। वहां की कला, संस्कृति और परंपरा को बढ़वा देना चाहिए। भूमि तथा वन में इलाकावासियों के अधिकार सुरक्षित रखे जाने चाहिए। विकास कार्यों के लिए जनजातीय सुमदाय को विश्वास में लेकर ही प्रशासन और परियोजना प्रबंधन का कार्य करना चाहिए। उन्होंने दो टूक कहा कि इस विरोध में हिमालयन एन्वायरमेंट सोसायटी लाहौल वासियों के साथ है।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Madhya Pradesh

ग्वालियर में आंध्र प्रदेश एक्सप्रेस के 4 डिब्बों में लगी आग, बचाए गए 37 डिप्टी कलेक्टर

मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के बिरला नगर पुल के पास आंध्रा एक्सप्रेस की चार बोगियों में आग लगने की खबर है।

21 मई 2018

Related Videos

यहां प्यास बुझाने के लिए हुआ एक करोड़ खर्च, फिर भी सूखे हलक

हिमाचल के कुल्लू में चार पंचायतों की ओर से ग्रामीणों की पानी की किल्लत को खत्म करने के लिए बनाई गई खनेरनाला-शुश पेयजल योजना फेल होती नजर आ रही है।

4 अप्रैल 2018

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen