आत्महत्या की दुकान...से दर्शक लोटपोट

Kullu Updated Mon, 21 May 2012 12:00 PM IST
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कुल्लू। एक्टिव मोनाल कल्चरल ऐसोसिएशन कुल्लू और संगीत नाटक अकादमी दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में लाल चंद कौड़ा पीडमोंट स्कूल भुंतर में आशा वर्मा द्वारा लिखित नाटक आत्महत्या की दुकान...का जोरदार मंचन किया गया। रंगकर्मी केहर सिंह ठाकुर द्वारा निर्देशित यह नाटक वर्तमान समाज की निम्न मध्यवर्गीय श्रेणी में फैली निराशा और जीवन के मूल्यों को समझने और उन्हें निभाने की कशमकश को हास्य व्यंक के माध्यम से दिखाता है। इस नाटक को देखकर दर्शक खूब लोटपोट हुए।
नाटक के माध्यम से कलाकारों ने भ्रष्टाचार, घूसखोरी और सामाजिक कुरीतियों पर भी तंज कसे। नाटक में अटपटे लाल द्वारा एक दुकान खोली गई है। इसका नाम है आत्महत्या की दुकान। वैसे सामान तो वह आत्महत्या का बेचता है, लेकिन उस सामान लेने से पहले वह ग्राहक की बाते सुनकर उसे कुछ राय भी देता है। नाटक में एक मार्मिक मोड़ यह भी देखने को मिलता है। जब एक बीए पास लड़का आत्महत्या के लिए जहर मांगने आता है। एक अन्य व्यक्ति इसलिए आत्महत्या करना चाहता है, क्योंकि उसके मरने के बाद ग्रुप इंश्यारेंस के अंतर्गत उसके परिवार को जो पैसा मिलेगा, उससे उसकी बेटी का दहेज पूरा हो जाएगा।
अटपटे लाल की सलाह से वह काम धंधा शुरू करके खुशहाल हो जाते हैं। नाटक में दारोगा का प्रवेश दर्शकों को हंसा- हंसा कर लोटपोट कर गया। नाटक में जीवन, दीन दयाल, भूषण, शीला, डिंपल, साक्षी, श्याम, लेख राज, जस्सी, कुलदीप और स्वयं केहर सिंह ने अभिनय किया। पीडमोंट स्कल के अध्यापकों और अभिभावकों सहित बच्चों ने नाटक का लुत्फ उठाया। स्कूल के प्रबंधक सतीश चंद कौड़ा ने कलाकारों के प्रयासों की सराहना की।
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