जाजूराणा को भायीं कुल्लू की वादियां

Kullu Updated Tue, 01 May 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
काईस (कुल्लू)। ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क की वादियां राज्य पक्षी जाजू राणा को रास आ गई। पिछले साल की तुलना में जाजूराणा की संख्या में प्रति वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में प्वाइंट पांच का इजाफा हुआ है। इससे वन्य प्राणी विभाग में खुशी है। हाल ही में पार्क क्षेत्र में इसको लेकर सर्वेक्षण किया गया। इसमें नौणी विश्वविद्यालय के 50 विद्यार्थियों ने भी कार्य किया था।
नेशनल पार्क क्षेत्र में राज्य पक्षी जाजूराणा भारी संख्या में पाए जाते हैं। मोनाल से राज्य पक्षी का दर्जा छीनने वाले सुंदर पक्षी जाजूराणा की संख्या नेशनल पार्क क्षेत्र में 800 से बढ़कर करीब एक हजार पहुंच गई है। विभाग के अनुसार पिछले साल नेशनल पार्क के क्षेत्र में प्रति किलोमीटर छह जाजूराणा थे। कुल मिलाकर इनकी संख्या 800 थी। इस साल इनकी संख्या बढ़कर 6.5 प्रति किलोमीटर हो गई है। अब इस क्षेत्र में लगभग एक हजार जाजूराणा अपना आशियाना बसाए हुए हैं।
जाजूराणा की संख्या बढ़ने से नेशनल पार्क की वादियों में शोध के लिए आने वाले सैलानियों की संख्या में भी इजाफा होने की उम्मीद है। ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क के अरण्यपाल अजय श्रीवास्तव ने कहा कि लगभग दो सप्ताह तक चले सर्वेक्षण कार्य में नौणी विश्वविद्यालय के 50 छात्रों ने भाग लिया। इनके अनुसार जाजूरणा की संख्या 800 से बढ़कर लगभग एक हजार पहुंच गई है।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Rajasthan

बीकानेर जमीन घोटाला: ईडी ने विवादित जमीन पर लगाया बोर्ड, रॉबर्ट वाड्रा की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

बीकानेर जमीन घोटाले मामले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के जीजा और सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रहीं हैं।

19 अप्रैल 2018

Related Videos

यहां प्यास बुझाने के लिए हुआ एक करोड़ खर्च, फिर भी सूखे हलक

हिमाचल के कुल्लू में चार पंचायतों की ओर से ग्रामीणों की पानी की किल्लत को खत्म करने के लिए बनाई गई खनेरनाला-शुश पेयजल योजना फेल होती नजर आ रही है।

4 अप्रैल 2018

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen