यूरोपियन सलाद की खेती से किसान मालामाल

Shimla Bureau Updated Sun, 04 Jun 2017 09:23 PM IST
ख़बर सुनें
खराहल (कुल्लू)। जिला में यूरोपियन सलाद की खेती से किसान मालामाल हो रहे हैं। इन दिनों सलाद की फसल तैयार हो चुकी है और देश की विभिन्न मंडियों में सलाद की खेप पहुंच रही है। अच्छे मुनाफे से किसानों का रुझान इस खेती की ओर बढ़ रहा है।
बताया जा रहा है देश के पांच सितारा होटलों और रेस्तरां में इसकी काफी मांग है। कुल्लू जिला में कई एजेंटों के माध्यम से भी सलाद को बाहरी राज्यों के हाई प्रोफाइल होटलों को भेज रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि कुल्लू की आबोहवा यूरोपियन सलाद के लिए अनुकूल है। लिहाजा, घाटी के किसानों का रुझान इसकी खेती की ओर बढ़ रहा है। वर्तमान समय में जिला में पांच सौ बीघा भूमि पर खेती हो रही है। किसानों के अनुसार दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चंडीगढ़ जैसे शहरों के अलावा हिल स्टेशनों के होटलों में भी इन दिनों सलाद की काफी मांग है।
इस संबंध में घाटी के किसान कमल, अखिल, रमेश, सुरेश, संजय और अमन के अनुसार मौसम अनुकूल रहा तो एक बीघा भूमि पर 35 हजार के कारीब कमाई हो जाती है। इसका कटान तीन बार हो जाता है। जिला कुल्लू के हुरला, सेउबाग, गाहर, काईस, बंदरोल, सरसेई तथा करजां आदि स्थानों पर इसकी खेती हो रही है। वहीं इस संबंध में मनाली होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र ठाकुर के अनुसार हाई प्रोफाइल सैलानी यूरोपियन सलाद को काफी पसंद करते हैं। होटलियर सलाद को बाहर से मंगवाते थे, लेकिन अब यहां पर आसानी से मिल रहा है।
कृषि विभाग के उपनिदेशक राजेंद्र वर्मा के अनुसार यूरोपियन सलाद और विदेशी सब्जियों के लिए कुल्लू जलवायु अनुकूल है। जिले में सैकड़ों भूमि पर इसकी खेती हो रही है। किसानों को इसकी खेती से काफी मुनाफा हो रहा है।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Rajasthan

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष को पाकिस्तान से मिली धमकी, बढ़ी सुरक्षा

राजस्थान सरकार से इस्तीफा दे चुके भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष को पाकिस्तान से धमकी मिली है।

23 मई 2018

Related Videos

यहां प्यास बुझाने के लिए हुआ एक करोड़ खर्च, फिर भी सूखे हलक

हिमाचल के कुल्लू में चार पंचायतों की ओर से ग्रामीणों की पानी की किल्लत को खत्म करने के लिए बनाई गई खनेरनाला-शुश पेयजल योजना फेल होती नजर आ रही है।

4 अप्रैल 2018

आज का मुद्दा
View more polls

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen