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बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नाम पर फ्रॉड

Shimla	 Bureauशिमला ब्यूरो Updated Wed, 17 Apr 2019 11:08 PM IST
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‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ के नाम पर भरवाए जा रहे फर्जी फार्म
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लड़कियों के बैंक खातों में दो लाख जमा होने का दिया जा रहा हवाला
कांगड़ा ब्लॉक के प्रधानों के पास फार्म सत्यापित करवाने पहुंच रहीं लड़कियां
अमर उजाला ब्यूरो
कांगड़ा। कांगड़ा और साथ सटे क्षेत्रों में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत लड़कियों के बैंक खातों में दो लाख रुपये डाले जाने के फर्जी फार्म भरवाने का हैरतअंगेज कारनामा सामने आया है। आवेदक लड़कियां जैसे ही आवेदन पत्र को सत्यापित करवाने के लिए पंचायत प्रधानों के पास पहुंची तो वे भौचक्के रह गए। सादे कागज पर पेंसिल से इस फार्म को बाल विकास परियोजना मंत्रालय शास्त्री नगर नई दिल्ली भेजने का हवाला दिया गया है।
पंचायतों में रोजाना दर्जनों आवेदक अपने फार्म सत्यापित करवाने को पहुंच रहे हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की 8 से 32 वर्ष आयु तक की लड़कियों को सालाना दो लाख रुपये इस योजना के तहत मिलने का हवाला दिया जा रहा है। फार्म में आवेदक का नाम, शिक्षा, जाति और बैंक खाता नंबर और आधार नंबर जैसे कॉलम हैं। जिनको सत्यापित करवाने के लिए आवेदनकर्ता पंचायत कार्यालयों और प्रधानों के पास चक्कर काट रहे हैं। पंचायत प्रधानों ने जब इसकी पड़ताल सीडीपीओ विभाग से की तो उन्होंने ऐसी कोई भी सरकारी योजना की स्वीकृति या जानकारी होने से इंकार कर दिया। योजना फार्म को फ्रॉड करार देते ऐसे फार्मों को सत्यापित न करने के आदेश जारी किए। सहौड़ा के पंचायत प्रधान विजू चौधरी, इच्छी के विजय कुमार, मटौर के कैप्टन निर्मल सिंह, दौलतपुर के सतीश सोनी ने कहा कि रोजाना उनके पास दर्जनों आवेदक ऐसे फार्म सत्यापित करवाने के लिए आ रहे है। इसकी शिकायत बाल विकास परियोजना अधिकारी कांगड़ा से की है।

ऐसी कोई योजना नहीं
बाल विकास परियोजना अधिकारी रवि कुमार ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत दो लाख रुपये देने का कोई प्रावधान नहीं है। प्रधानमंत्री कन्या समृद्धि योजना के तहत बैंक खातों में लड़कियां पैसे जमा करवा सकती हैं।

पुलिस में दी जाएगी शिकायत
बेटी बचाओ बेटी बचाओ के तहत लड़कियों के खातों में दो लाख आने को लेकर फार्म कहां से आए, इसकी पुख्ता सूचना विभाग के पास भी नहीं है। विभाग का तर्क है कि यह फार्म हाथ से लिखे हैं। ऐसा हो सकता है कि एक फार्म को हाथ से लिखकर बाद में इसकी फोटोस्टेट की गई हो। छानबीन में अभी पता चला है कि इस फार्म को भरकर इसे दिए गए पते पर पोस्ट किया जा रहा है। सीडीपीओ रवि कुमार ने बताया कि उन्होंने शिमला स्थित विभाग से भी इसकी सूचना ली है। लोग गुमराह न हों, इसके लिए विभाग पुलिस में इसकी शिकायत करने जा रहा है।

कई प्रधानों ने कर दिए हैं साइन
विकास खंड कांगड़ा पंचायत संघ के प्रधान विजय चौधरी ने बताया कि उनके पास आज करीब सात फार्म साइन करवाने के लिए कुछ आवेदनकर्ता आए थे। उनकी तरह कई पंचायत प्रधानों ने ऐसे फार्मों पर साइन किए हैं। हालांकि सीडीपीओ कार्यालय में जब इस बाबत पूछा गया तो ऐसा किसी भी जानकारी से उन्होंने इंकार कर दिया।

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