फीस की राशि दूसरे मदों में खर्ची

Kangra Updated Fri, 07 Dec 2012 05:30 AM IST
बैजनाथ (कांगड़ा)। अलहिलाल स्थित केंद्रीय विद्यालय में बच्चों की फीस के फंड को दूसरे मदों में खर्च करने का मामला सामने आया है। नतीजतन अनुबंध पर तैनात कर्मियों को पिछले दो माह से वेतन का भुगतान नहीं हो सका है। करीब आधा दर्जन कर्मचारियों को वेतन का भुगतान न होने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
समय पर वेतन न मिलने के लिए कर्मचारी अगस्त और सितंबर माह में विद्यालय का जिम्मा देख चुके कार्यकारी प्रिंसिपल को जिम्मदार बता रहे हैं। प्राचार्य का सुबाथू स्थित केंद्रीय विद्यालय में तबादला हो गया है। उनके स्थान पर आए प्रिंसिपल गत डेढ़ माह से मेडिकल लीव पर चल रहे हैं। मौजूदा कार्यकारी प्रिंसिपल के रुप में कार्य देख रहीं अनुराधा गुप्ता को दो दिन पूर्व ही वित्तीय शक्तियां मिली हैं।
जानकारी के अनुसार केंद्रीय विद्यालयों में स्कूल में सुविधाओं पर खर्च करने और नियमित कर्मचारियों के लिए दो अलग अलग प्रकार के फंड वीवीएन (विद्यालय विकास निधि) और स्कूल फंड का प्रावधान है। विद्यालय में अनुबंध पर कार्यरत कर्मचारियों का वेतन वीवीएन फंड से किए जाने का प्रावधान है। यह राशि स्कूली बच्चों से ली जाने वाली फीस के रूप में रहती है। कर्मचारियों कुलदीप कुमार, मनोज, सुनील, कृष्ण, रमेश, ज्योति और कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर विनय का कहना है कि उन्हें पिछले दो माह अक्तूबर और नवंबर का वेतन अब तक नही मिल सका है। वजह यह बताई जा रही है कि अगस्त और सितंबर माह में कार्यकारी प्रिंसिपल रह चुके एनपी सिंह ने वीवीएन की करीब डेढ़ लाख की राशि कर्मचारियों को भुगतान करने के बजाए स्कूल के दूसरे कार्यों पर खर्च डाली, जबकि कर्मचारियों के वेतन के भुगतान को प्राथमिकता के तौर पर लिया जाना चाहिए था।
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वीवीएन में राशि नहीं : अनुराधा गुप्ता
स्कूल की कार्यकारी प्रिंसिपल अनुराधा गुप्ता का कहना है कि उन्हें दो दिन पूर्व ही वित्तीय शक्तियां मिली हैं और वीवीएन में भुगतान योग्य राशि नहीं है।
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यूडीसी के सुझाव पर खर्च की राशि : सिंह
कार्यकारी प्रिंसिपल रह चुके एनपी सिंह ने बताया कि राशि को यूडीसी के सुझाव पर स्कूल के रंग रोगन, बाल दिवस के कार्यक्रमों व एलटीसी आदि का भुगतान करने पर खर्चा गया है। उन्होंने कहा कि प्रिंसिपल दूसरे फंड से लोन के रूप में पैसा लेकर वेतन का भुगतान कर सकता है।
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फीस के पैसे का आडिट करवाएंगे : चौहान
केंद्रीय विद्यालयों की देखरेख कर रहे चंडीगढ़ रीजन के डिप्टी कमिश्नर एमएस चौहान ने बताया कि मेरे ध्यान में यह मामला नहीं है। यदि फीस के पैसे का गलत इस्तेमाल किया गया है तो इसका आडिट करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है उन्हें दूसरे फंड से भुगतान किया जाएगा।

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